Silver ETF: चांदी बेचने लगे निवेशक, 27 महीने में पहली बार सिल्वर ETF से निकला पैसा

Silver ETF: चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। फरवरी में सिल्वर ETF से 27 महीनों बाद पहली बार शुद्ध निकासी दर्ज हुई। इसी दौरान गोल्ड ETF में भी निवेश की रफ्तार में तेज गिरावट देखी गई। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 4:29 PM
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पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में तेज तेजी देखने को मिली है।

Silver ETF: भारत में सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से फरवरी में 27 महीने बाद पहली बार शुद्ध निकासी दर्ज की गई है। इसकी वजह चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और बाजार में बढ़ती अस्थिरता मानी जा रही है।

फरवरी के दौरान सिल्वर ETF में कुल 4,628 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं, रिडेम्पशन यानी निकासी 5,455 करोड़ रुपये की रही। इसका मतलब कि कुल मिलाकर 826.3 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। यह नवंबर 2023 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। इसके मुकाबले जनवरी में सिल्वर ETF में 9,463.40 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।

चांदी की कीमतों में तेज उछाल


पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में तेज तेजी देखने को मिली है। फरवरी में चांदी की कीमत करीब 10 प्रतिशत बढ़ी। जनवरी के दौरान इसमें 19 प्रतिशत की तेजी आई थी।

साल 2026 में अब तक चांदी करीब 20 प्रतिशत चढ़ चुकी है। इससे पहले दिसंबर 2025 में कीमतों में 27 प्रतिशत और नवंबर में 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। पूरे साल 2025 में चांदी की कीमतों में करीब 148 प्रतिशत का उछाल आया था। 2024 में यह करीब 22 प्रतिशत बढ़ी थी।

तेजी के बाद की मुनाफावसूली

भारत में सिल्वर ETF में पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। 2025 में सिल्वर ETF में 23,472 करोड़ रुपये का निवेश आया था। 2024 में यह आंकड़ा 8,568 करोड़ रुपये था।

एक्सपर्ट का कहना है कि 2026 में चांदी की कीमतों की चाल यह संकेत दे रही है कि आगे कुछ समय तक कीमतों में कंसोलिडेशन यानी ठहराव देखने को मिल सकता है। इसके बाद मध्यम अवधि में फिर तेजी आ सकती है।

उनके मुताबिक 2025 में कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी थीं। इसलिए कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके अलावा कुछ निवेशकों ने महंगे हो चुके कीमती धातुओं से पैसा निकालकर अपेक्षाकृत सस्ते शेयर बाजार की ओर भी रुख किया है।

गोल्ड ETF में भी निवेश की रफ्तार धीमी

फरवरी में गोल्ड ETF में निवेश की रफ्तार भी काफी धीमी पड़ गई। इस दौरान निवेशकों ने करीब 5,255 करोड़ रुपये का निवेश किया। जनवरी 2026 में यह आंकड़ा 24,039.96 करोड़ रुपये था।

सेबी ने बदले वैल्यूएशन के नियम

फरवरी के आखिर में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड योजनाओं के पास मौजूद फिजिकल सोना और चांदी की वैल्यूएशन के नियमों में बदलाव किया।

एक सर्कुलर में सेबी ने कहा कि अब म्यूचुअल फंड फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की वैल्यूएशन के लिए घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा प्रकाशित स्पॉट कीमतों का इस्तेमाल करेंगे।

इससे पहले वैल्यूएशन के लिए London Bullion Market Association (LBMA) की फिक्सिंग कीमतों का इस्तेमाल किया जाता था। इन्हें मुद्रा विनिमय दर, ड्यूटी और स्थानीय लागत के आधार पर एडजस्ट किया जाता था।

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