Silver Gold price: सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹3 लाख के पार! एक्सपर्ट ने बताया 2026 में कितना उछलेगा भाव

Silver Gold price: बुलियन मार्केट में बड़ी तेजी के संकेत हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक 2026 तक चांदी 3 लाख और सोना 1.50 लाख रुपये के पार जा सकता है। जानिए किस वजह से कीमतों में आएगा इतना तगड़ा उछाल।

अपडेटेड Dec 24, 2025 पर 4:36 PM
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मेहता का अनुमान है कि 2026 में सिल्वर 95-100 डॉलर प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर सकती है।

Silver Gold price: भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता का मानना है कि अगले दो साल में चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं। उनके मुताबिक, 2026 तक सिल्वर 95-100 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है, जो अभी 72 डॉलर के आसपास है।

वहीं, गोल्ड 4,900-5,100 डॉलर प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर सकता है। यह अभी करीब 4,480 डॉलर पर है। इस हिसाब से चांदी में 30 से 40% और सोने में 10 से 14% की तेजी आ सकती है।

भारत में कितना जाएगा भाव


भारत में अभी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 2.23 लाख रुपये प्रति किलो है। अगर इसमें मेहता के अनुमान के मुताबिक, 40% तक की तेजी आती है, तो चांदी का भाव लगभग 3.12 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। वहीं, सोना फिलहाल 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसमें 14% तेजी आने पर दाम लगभग 1.57 लाख रुपये हो जाएगा।

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चांदी में तेजी क्यों बनी हुई है

मेहता के मुताबिक, चांदी की मौजूदा रैली किसी तात्कालिक जोश का नतीजा नहीं है, बल्कि बाजार में हो रहे बुनियादी बदलावों से आई है। खास तौर पर ऊंचे लीज रेट्स और पेपर सिल्वर से फिजिकल सिल्वर की ओर शिफ्ट इस तेजी की बड़ी वजह बने हैं।

सप्लाई तंग होने से बढ़ा चांदी का भाव

उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में चांदी के लीज रेट 23-24 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। इतने ऊंचे रेट यह दिखाते हैं कि बाजार में चांदी की उपलब्धता सीमित है। जब सप्लाई तंग होती है, तो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बना रहता है।

मेहता के मुताबिक, बैंक और फंड हाउस अब पेपर इंस्ट्रूमेंट्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर फिजिकल सिल्वर की ओर बढ़ रहे हैं। इससे फिजिकल मार्केट में मांग और मजबूत हुई है, जो चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट दे रही है।

एक महीने में 50% बढ़ा चांदी का रेट

उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को जहां सिल्वर करीब 49 डॉलर प्रति औंस पर थी, वहीं अब यह लगभग 73 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है। इतनी तेज चाल के बाद बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ना तय है।

मेहता ने साफ कहा कि इस तरह की तेजी के दौरान 18-20 प्रतिशत तक के करेक्शन आना सामान्य बात है। इसे ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं मानना चाहिए, बल्कि बुल साइकिल का हिस्सा समझना चाहिए।

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2026 में कहां तक जा सकती है सिल्वर

मेहता का अनुमान है कि 2026 में सिल्वर 95-100 डॉलर प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजी के दौरान कीमतें इस रेंज से ऊपर भी निकल सकती हैं, लेकिन बीच-बीच में गिरावट आती रहेगी।

गोल्ड को लेकर भी मेहता का रुख सकारात्मक है। उनके मुताबिक, शॉर्ट टर्म में सोने में 9-10 प्रतिशत तक का करेक्शन संभव है। लेकिन, लंबी अवधि में 2026 तक कीमतें 4,900-5,100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए

मेहता का कहना है कि चांदी और सोना दोनों ही कमोडिटी स्वभाव से उतार-चढ़ाव वाली हैं। इसलिए निवेशकों को बीच की गिरावट से घबराने के बजाय लॉन्ग टर्म ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि मौजूदा तेजी मजबूत बुनियादी कारणों पर टिकी हुई है।

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