चांदी में तगड़ी गिरावट और Budget 2026: किस ओर मूव करेंगे सिल्वर ETF, रहेगा खास फोकस

Silver ETFs: भारत में निप्पॉन AMC सिल्वर BEES शुक्रवार को 18.6% गिरकर ₹286.48 पर बंद हुआ। ICICI प्रूडेंशियल से लेकर जीरोधा तक, दूसरे ETF में भी शुक्रवार को 15% से 20% के बीच तेज गिरावट देखी गई थी। अमेरिका में सिल्वर से जुड़े ETF की स्थिति और भी खराब रही

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 9:40 AM
Story continues below Advertisement
चांदी की कीमत बीते हफ्ते की शुरुआत में 120 डॉलर प्रति औंस से ज्यादा के रिकॉर्ड स्तर को छू गई थी।

आज 1 फरवरी को भारत के सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) पर भी सबकी नजर रहेगी। इसकी एक वजह है बजट 2026 और दूसरी वजह है शुक्रवार रात ग्लोबल मार्केट में कमोडिटी में आई गिरावट। ग्लोबल मार्केट में शुक्रवार, 30 जनवरी को स्पॉट सिल्वर की कीमतों में 37% की गिरावट आई। यह किसी एक दिन में चांदी में आई सबसे बड़ी गिरावट है। सिल्वर फ्यूचर्स में 31% की गिरावट आई, जो मार्च 1980 के बाद सबसे बड़ी गिरावट रही। चांदी की कीमत बीते हफ्ते की शुरुआत में 120 डॉलर प्रति औंस से ज्यादा के रिकॉर्ड स्तर को छू गई थी।

स्पॉट सिल्वर की कीमतें जिस तरह गिरीं, उससे कुछ सिल्वर ETFs शुक्रवार को 60% तक गिर गए। भारत में ETFs शुक्रवार को 15% से 20% के बीच गिरे थे। वहीं अमेरिका में सिल्वर से जुड़े ETF की स्थिति और भी खराब रही। ProShares Ultra Silver ETF की कीमतों में एक ही ट्रेडिंग सेशन में 60% की गिरावट आई, जबकि iShares Silver Trust ETF में 29% की गिरावट आई।

भारत में कौन सा ETF कितना टूटा


भारत में निप्पॉन AMC सिल्वर BEES शुक्रवार को 18.6% गिरकर ₹286.48 पर बंद हुआ। इस बात को लेकर चिंता थी कि अगर फ्री फॉल जारी रहा तो क्या ट्रेडर्स ETF बेच पाएंगे। निप्पॉन AMC ने बताया कि ETF के लिए सर्किट लिमिट T-2 नेट एसेट वैल्यू (NAV) से 20% है। अगर कीमतें उस लेवल से नीचे गिरती हैं, तो ट्रेडिंग रुक जाएगी। यह पूरी इंडस्ट्री के ETF पर लागू होता है।

इसके अलावा ICICI प्रूडेंशियल से लेकर जीरोधा तक, दूसरे ETF में भी शुक्रवार को 15% से 20% के बीच तेज गिरावट देखी गई थी। अब देखना यह है कि चांदी की गिरावट और बजट ऐलानों से सिल्वर ETF कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।

Gold-Silver Price Live

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में गिरावट की अहम वजह

फेड के लिए केविन वॉर्श का नॉमिनेशन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पूर्व फेड गवर्नर केविन वॉर्श को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नॉमिनेट किया। वह जेरोम पॉवेल का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी जगह लेंगे। वॉर्श पॉलिसी तय करते समय सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता की वकालत करने के लिए जाने जाते हैं। उनके नॉमिनेशन ने शॉर्ट टर्म में फेड की स्वतंत्रता के संबंध में कुछ चिंताओं को कम किया, जो अप्रत्यक्ष रूप से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक है।

अमेरिकी डॉलर: डॉलर में फिर से मजबूती दिख रही है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 97 के निशान से ऊपर वापस आ गया है। मजबूत अमेरिकी डॉलर सोने और चांदी दोनों के लिए नेगेटिव है। इन धातुओं की कीमत वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में तय होती है। डॉलर में तेजी आने से ये विदेशी खरीदारों के लिए महंगी हो जाती हैं और मांग कम हो जाती है। ऊंची ब्याज दरें भी सोने और चांदी जैसे एसेट्स के लिए ​नेगेटिव हैं।

टेक्निकल ट्रिगर्स: कई टेक्निकल कारणों ने भी चांदी की कीमतों में गिरावट में योगदान दिया। सबसे पहले, सोने और चांदी दोनों चार्ट्स पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स "ओवरबॉट" टेरिटरी में था। 70 से ऊपर की रीडिंग का मतलब है कि एसेट "ओवरबॉट" है। चांदी के लिए RSI ने रिकॉर्ड रैली के दौरान 80-प्लस के स्तर को टेस्ट किया। ट्रेडिंग के लिए मार्जिन रिक्वायरमेंट में वृद्धि, कीमतें गिरने के बाद सट्टेबाजी की पोजीशन का लिक्विडेशन, और निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग ने भी गिरावट में योगदान दिया। गिरावट ने चांदी को सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से नीचे ला दिया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।