देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना नौवां आम बजट पेश करते हुए विकास की नई राहें दिखाईं हैं। यह बजट 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने वाला है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और एजुकेशन पर भारी निवेश का वादा किया गया। सीतारमण ने कहा कि ये कदम युवाओं, किसानों और छोटे कारोबारियों की ताकत को बढ़ाएंगे, जिससे अर्थव्यवस्था में नई गति आएगी।
बजट की सबसे बड़ी सुर्खियां सरकारी पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) में इजाफे से रहीं। वित्त वर्ष 2027 के लिए इसे 11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया। यह कदम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा और नौकरियों का सृजन करेगा। पर्यावरण-अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान हुआ। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसी जगहों पर यह ऐलान हुआ। ये कॉरिडोर यात्रा को तेज और हरा-भरा बनाएंगे।
फार्मा और टेक सेक्टर को बड़ी सौगात मिली है। अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये से 'बायो फार्मा शक्ति' मिशन शुरू होगा, जो भारत को ग्लोबल बायो-मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगा। इसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे, जिससे युवाओं को नई करियर संभावनाएं मिलेंगी। इसी तरह, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को 2.0 में 40,000 करोड़ के प्रावधान के साथ अपग्रेड किया गया। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स भी आएंगी।
बैंकिंग में सुधार के लिए हाई-लेवल कमेटी बनेगी, जो सिस्टम की समीक्षा करेगी। एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट कमेटी सर्विस सेक्टर को बूस्ट देगी। कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मजबूत करने के लिए नया मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क भी प्रस्तावित होगा। ये घोषणाएं न सिर्फ अर्थव्यवस्था को गति देंगी, बल्कि आम आदमी के जीवन को भी सरल बनाएंगी।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के मोर्चे पर युवाओं के लिए डिजिटल एजुकेशन और स्किलिंग प्रोग्राम लाए गए हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष क्रेडिट स्कीम और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार योजनाओं का ऐलान हुआ है।
ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त फंडिंग दी जाएगी। शहरी विकास में स्मार्ट सिटी मिशन और मेट्रो विस्तार पर निवेश बढ़ाया गया है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ माइनिंग में निवेश बढ़ाने की घोषणा की गई है। भारत को वैश्विक टेक हब बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी तरह फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजनाएं लाई गई हैं।