मोदी सरकार ने नवरात्रि से पहले आम लोगों को किया निराश! नहीं बढ़ाया आपकी सेविंग पर ब्याज

Small Saving Scheme Interest Rate: मोदी सरकार ने नवरात्रि से पहले आम लोगों को निराश किया है। आपकी छोटी सेविंग स्कीम पर सरकार ने ब्याज दरें तय कर दी है। अगर आपने भी पीपीएफ, एनएससी, पोस्ट ऑफिस एफडी में निवेश किया है तो ये आपके लिए काम की खबर है

अपडेटेड Sep 30, 2024 पर 7:21 PM
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Small Saving Scheme Interest Rate: मोदी सरकार ने नवरात्रि से पहले आम लोगों को निराश किया है।

Small Saving Scheme Interest Rate: मोदी सरकार ने नवरात्रि से पहले आम लोगों को निराश किया है। आपकी छोटी सेविंग स्कीम पर सरकार ने ब्याज दरें तय कर दी है। अगर आपने भी पीपीएफ, एनएससी, पोस्ट ऑफिस एफडी में निवेश किया है तो ये आपके लिए काम की खबर है। यहां आपको बता रहे हैं कि आपकी सेविंग पर अक्टूबर से दिसंबर 2024 तक कितना ब्याज मिलेगा। मोदी सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में कोई भी बदलान नहीं किया है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), राष्ट्रीय सेविंग प्रमाणपत्र (NSC), और किसान विकास पत्र (KVP) की ब्याज दरें अब ये होगी।

छोटी सेविंग योजनाएं क्या हैं?

छोटी सेविंग योजनाएं सरकार द्वारा नागरिकों को नियमित रूप से सेविंग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं। इनमें जमा योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और मंथली इनकम योजनाएं शामिल हैं। प्रमुख योजनाओं में PPF, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और सीनियर सिटीजन सेविंग योजना (SCSS) शामिल हैं। इन योजनाओं की ब्याज दरें तिमाही आधार पर तय की जाती हैं।

मौजूदा ब्याज दरें (अक्टूबर से दिसंबर 2024 तिमाही)


साधारण जमा खाता (पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट): 4%

एक साल की पोस्ट ऑफिस FD: 6.9%

तीन साल की पोस्ट ऑफिस FD: 7.1%

5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी: 7.5%

राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC): 7.7 प्रतिशत

किसान विकास पत्र (KVP): 7.5 प्रतिशत (115 महीनों में परिपक्व होगा)

लोक भविष्य निधि (PPF): 7.1 प्रतिशत

सुकन्या समृद्धि खाता: 8.2 प्रतिशत

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना: 8.2 प्रतिशत

मासिक आय खाता: 7.4 प्रतिशत

भारत रेटिंग्स एंड रिसर्च के सीनियर इकोनॉमिक एक्सपर्ट पारस जसराई ने पहले ही कहा था कि छोटी सेविंग योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है। हाल ही में यूरोपीय सेंट्रल बैंक और चीन के पीपुल्स बैंक ने क्रमशः 25 और 10 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है, जबकि जापान और इंग्लैंड के बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति 7 से 9 अक्टूबर के बीच अपनी बैठक में दरों पर निर्णय करेगी। फिलहाल भारत में खाद्य महंगाई के चलते ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है। सरकार ने जैसा अनुमान था वैसा ही फैसला स्मॉल सेविंग स्कीम पर लिया है।

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