स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने योनो 2.0 लॉन्च किया है। यह बैंक के डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म का अपग्रेडेड वर्जन है। इस प्लेटफॉर्म पर मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग दोनों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बैंक ने 15 दिसंबर को बताया कि इस अपग्रेडेड वर्जन से 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर्स को डिजिटल एक्सेस मिलेगा। एसबीआई ने करीब 8 साल पहले योनो को लॉन्च किया था।
9.6 करोड़ कस्टमर्स करते हैं योनो का इस्तेमाल
अभी बैंक के करीब 9.60 करोड़ कस्टमर्स YONO का इस्तेमाल करते हैं। बैंक इसे बढ़ाकर दोगुना यानी 20 करोड़ करने का टारगेट रखा है। योनो एसबीआई के लिए कस्टमर एक्जिविजशन और लेंडिंग का प्रमुख चैनल बन गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संखअया में नए सेविंग्स अकाउंट ओपन हो रहे हैं और पर्सनल लोन दिए जा रहे हैं।
कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी करता है काम
YONO 2.0 एक आसान और हल्का (lighter) ऐप है, जिसका इस्तेमाल करने के लिए महंगे स्मार्टफोन की जरूरत नहीं पड़ती। यह उन इलाकों में भी काम करता है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। योनो 2.0 ऐप के इस्तेमाल से यूजर्स अपने फाइनेंस को मैनेज कर सकते हैं। फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, बिल का पेमेंट कर सकते हैं और यूपीआई ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की खूबियां एक साथ
एसबीआई ने योनो 2.0 में मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म को मर्ज किया है। इस ऐप में सिक्योरिटी के उपाय भी बढ़ाए गए हैं। ट्रांजेक्शन कंट्रोल और ओटीपी प्रोसेस को स्ट्रॉन्ग बनाया गया है। योनो 2.0 केवायसी और री-केवायसी को आसान बनाता है। कई प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ती है।
अभी सिर्फ हिन्दी और अंग्रेजी में उपलब्ध
अभी यह ऐप अंग्रेजी और हिन्दी में उपलब्ध है। बैंक ने इसे 15 भाषाओं में उपलब्ध कराने का प्लान बनाया है। इससे देशभर के एसबीआई के कस्टमर्स इस ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस ऐप में स्पेंडिंग एनालिसिस, स्मार्ट रिकॉमेंडेशंस और क्रेडिट स्कोर सिमुलेटर जैसे फाइनेशियल मैनेजमेंट टूल्स भी दिए गए हैं। इनके इस्तेमाल से यूजर्स अपने क्रेडिट हेल्थ को ट्रैक और इम्प्रूव कर सकते हैं।