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इस बाजार में क्या Nifty से ज्यादा रिटर्न देने वाला पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है?

बीते कई महीनों से जारी गिरावट के बाद निवेशकों के बीच इस बात को लेकर बहस जारी है कि क्या बेयर मार्केट की शुरुआत हो गई है। इस सवाल का जवाब मार्केट से जुड़े डेटा के विश्लेषण से मिल जाएगा। लेकिन, इनवेस्टर्स के लिए यह जानना ज्यादा जरूरी है इस बाजार में निफ्टी से ज्यादा रिटर्न देने वाला पोर्टफोलियो बन सकता है या नहीं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 24, 2025 पर 5:21 PM
इस बाजार में क्या Nifty से ज्यादा रिटर्न देने वाला पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है?
सितंबर 2024 के अंत में इंडियन मार्केट में गिरावट की शुरुआत हुई थी। तब से लेकर 6 मार्च के बीच Nifty 50 करीब 15 फीसदी गिरा था।

इस बात को लेकर बहस जारी है कि यह बुल मार्केट है या बेयर मार्केट है। इस सवाल का जवाब मार्केट से जुड़े डेटा के एनालिसिस से मिल जाएगा। लेकिन, इनवेस्टर्स के लिए ज्यादा जरूरी यह है कि क्या हालिया गिरावट के बाद उनके पास ऐसे अट्रैक्टिव वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स का मौका है, जिनसे शानदार पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है। इनवेस्टमेंट का सामान्य सिद्धांत यह है कि कम कीमत पर शेयरों को खरीदा जाए और ज्यादा कीमत पर उन्हें बेचा जाए। इससे निवेश पर मुनाफा बढ़ जाता है।

बुल मार्केट और बेयर मार्केट का मतलब क्या है?

अगर बुल मार्केट (Bull Market) की परिभाषा की बात करें तो लगातार तेजी के बाद जब शेयरों की कीमतें 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ जाती हैं तो उस मार्केट को बुल मार्केट कहा जाता है। शेयरों की कीमतों में इस उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ना भी जरूरी है। साथ ही इकोनॉमिक ग्रोथ अच्छी होनी चाहिए। इसके उलट जब लगातार कमजोरी के बाद शेयरों की कीमतें 20 फीसदी से ज्यादा गिर जाती हैं तो उस मार्केट को बेयर मार्केट (Bear Market) कहते हैं। इसके साथ ही बेयर मार्केट में बाजार में निराशा का माहौल, इकोनॉमी के लिए बड़ी चुनौतियां और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट देखने को मिलती है।

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