Tax Evasion :आप ये जान कर हैरत में पड़ जाएंगे कि देश में करीब 300 ज्यादा ऐसे अमीर किसान हैं जिनके पास जमीन तो एक इंच भी नहीं है लेकिन एग्रीकल्चर इनकम के नाम पर उन्होंने 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स छूट ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक इनकम टैक्स की जांच में इन सभी मामलों का खुलासा हुआ है। इस पर ज्यादा डिटेल जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज के आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि उनको सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है कि आय कर विभाग ने ऐसे 310 फर्जी किसानों की पहचान की है जिन्होंने पिछले 5 सालों को अंदर करीब 2038 करोड़ की टैक्स छूट का फायदा उठाया है।
डेटा एनालिसिस और सेटलाइट मैपिंग से हुआ खुलासा
इनकम टैक्स विभाग में डेटा एनालिसिस और सेटलाइट मैपिंग के जरिए ये जानकारी जुटाई है। इनकम टैक्स विभाग की इस जांच से पता चला है कि इन तथाकथित किसानों के पास एक भी इंच जमीन नहीं है। इसके बावजूद इन्होंने एग्रीकल्चर इनकम एक्ट के तहत टैक्स छूट का फायदा उठाया है।
फर्जी किसानों ने 50 लाख रुपए से लेकर 400 करोड़ तक टैक्स क्लेम लिए
इनकम टैक्स विभाग की जांच से पता चला है कि फर्जी किसानों ने एग्रीकल्चरल इनकम एक्ट के तहत 2038 करोड़ का टैक्स क्लेम किया। इन फर्जी किसानों ने 50 लाख रुपए से लेकर 400 करोड़ तक टैक्स क्लेम लिए है। जांच से ये भी पता चला है कि इन्होंने कैपिटल गेंस को एग्रीकल्चर इनकम को तौर पर दिखाया है। ये पूरे मामले 2021-22 से लेकर 2025-26 तक के हैं। जब इनकम टैक्स रिटर्नस की स्क्रिुटनी की गई तो पता चला कि इन लोगों ने किस तरह से फर्जी किसान बन कर किस तरह से टैक्स चोरी की।
कैपिटल गेंस को दिखाया एग्रीकल्चर इनकम
अब इस पूरे मामले की और गहन जांच की जा रही है। अब डाटा एनालिटिक्स और सैटेलाइट मैपिंग से इनकम मिसमैच की जांच होगी। आने वाले दिनों में इन लोगों को नेटिस भी इश्यू होगा। ये सारा मामला कैपिटल गेन टैक्स से जुड़ा है, क्योंकि जब जमीन बिकी को कैपिटल गेन टैक्स देने के बजाय कृषि से होने वाले आय के नाम पर टैक्स की चोरी की गई है।
बता दें कि सरकारी नियमों में कृषि आय यानी खेती से होने वाली कमाई को इनकम टैक्स से बाहर रखा गया है। आयकर कानून की धारा 10(1) के तहत कृषि आय टैक्स फ्री मानी जाती है। इसका मतलब है कि किसानों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing 2026) करने की जरूरत नहीं, चाहे उनकी कमाई कितनी भी हो।