Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाने के लिए कौन सा विकल्प बेहतर? निवेश से पहले समझ लें दोनों स्कीम
Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐसे निवेशक अक्सर टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसे ऑप्शन पर विचार करते हैं
Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है।
Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐसे निवेशक अक्सर टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसे ऑप्शन पर विचार करते हैं। दोनों ही योजनाएं कम जोखिम वाली मानी जाती हैं और स्थिर रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं। साथ ही इन पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है।
साधारण सेविंग अकाउंट की तुलना में इन योजनाओं में आमतौर पर ज्यादा ब्याज मिलता है। यही वजह है कि कई लोग लंबी पीरियड की सेविंग और टैक्स बचाने के लिए इन विकल्पों को चुनते हैं। हालांकि दोनों योजनाओं के नियम और फायदे थोड़े अलग हैं, इसलिए निवेश से पहले इनके बारे में समझना जरूरी है।
टैक्स सेविंग FD कैसे काम करती है
टैक्स सेविंग एफडी बैंकों की दी जाने वाली एक खास तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना होती है। इसमें निवेश करने पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन यह सुविधा केवल पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत ही है। इस एफडी में पैसा कम से कम 5 साल के लिए लॉक रहता है। यानी इस पीरियड से पहले पैसा नहीं निकाला जा सकता, सिवाय कुछ खास परिस्थितियों के जैसे निवेशक की मृत्यु। इसमें निवेश किया गये अमाउंट पर सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल सकती है।
टैक्स सेविंग FD की खास बातें
टैक्स सेविंग एफडी की न्यूनतम पीरियड 5 साल होती है और कुछ बैंक इसे 10 साल तक बढ़ाने की सुविधा भी देते हैं। अलग-अलग बैंकों में ब्याज दरें अलग होती हैं और फिलहाल यह लगभग 5.5% से 7.75% के बीच है।
कई बैंकों में इस योजना की शुरुआत 1000 रुपये से की जा सकती है। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरुआती जमा राशि कुछ ज्यादा हो सकती है। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स लगता है। साथ ही इस एफडी के खिलाफ लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा नहीं मिलती।
कौन खोल सकता है टैक्स सेविंग FD
टैक्स सेविंग एफडी भारतीय निवासी, वरिष्ठ नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), एनआरआई और बच्चों के नाम से भी खोली जा सकती है। इसमें संयुक्त खाता (Joint Account) की सुविधा भी होती है।
क्या है नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
NSC एक सरकारी सेविंग योजना है जिसे डाकघर (Post Office) के जरिए खरीदा जा सकता है। यह उन निवेशकों के लिए लोकप्रिय विकल्प है जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं। फिलहाल NSC पर 7.7% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें भी निवेश की शुरुआत 1000 रुपये से की जा सकती है और उसके बाद 100 रुपये के गुणक में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इस योजना में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है, लेकिन टैक्स छूट के लिए 1.5 लाख रुपये तक ही निवेश माना जाता है।
NSC में निवेश के नियम
कोई भी भारतीय नागरिक NSC में निवेश कर सकता है। इसमें संयुक्त खाता खोलने की भी सुविधा है। माता-पिता अपने बच्चों के नाम पर भी NSC खरीद सकते हैं। NSC खाते को सामान्य परिस्थितियों में 5 साल से पहले बंद नहीं किया जा सकता। हालांकि कुछ मामलों जैसे खाता धारक की मृत्यु या कोर्ट के आदेश पर इसे पहले बंद किया जा सकता है।
दोनों योजनाओं में क्या अंतर
टैक्स सेविंग एफडी और NSC दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प हैं और दोनों में सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। लेकिन दोनों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी हैं।
टैक्स सेविंग एफडी बैंक के जरिए मिलती है और इसकी ब्याज दर बैंक के अनुसार बदलती रहती है। वहीं NSC पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध होती है और इसकी ब्याज दर सरकार तय करती है, जो फिलहाल 7.7% है।
एक और अंतर यह है कि NSC को कुछ मामलों में लोन के लिए गिरवी रखा जा सकता है, जबकि टैक्स सेविंग एफडी के खिलाफ लोन की सुविधा नहीं मिलती।