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Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाने के लिए कौन सा विकल्प बेहतर? निवेश से पहले समझ लें दोनों स्कीम

Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐसे निवेशक अक्सर टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसे ऑप्शन पर विचार करते हैं

Edited By: Sheetalअपडेटेड Mar 09, 2026 पर 6:40 PM
Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाने के लिए कौन सा विकल्प बेहतर? निवेश से पहले समझ लें दोनों स्कीम
Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है।

Tax Saving FD vs NSC: टैक्स बचाते हुए सुरक्षित निवेश करना ज्यादातर लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐसे निवेशक अक्सर टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसे ऑप्शन पर विचार करते हैं। दोनों ही योजनाएं कम जोखिम वाली मानी जाती हैं और स्थिर रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं। साथ ही इन पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है।

साधारण सेविंग अकाउंट की तुलना में इन योजनाओं में आमतौर पर ज्यादा ब्याज मिलता है। यही वजह है कि कई लोग लंबी पीरियड की सेविंग और टैक्स बचाने के लिए इन विकल्पों को चुनते हैं। हालांकि दोनों योजनाओं के नियम और फायदे थोड़े अलग हैं, इसलिए निवेश से पहले इनके बारे में समझना जरूरी है।

टैक्स सेविंग FD कैसे काम करती है

टैक्स सेविंग एफडी बैंकों की दी जाने वाली एक खास तरह की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना होती है। इसमें निवेश करने पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन यह सुविधा केवल पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत ही है। इस एफडी में पैसा कम से कम 5 साल के लिए लॉक रहता है। यानी इस पीरियड से पहले पैसा नहीं निकाला जा सकता, सिवाय कुछ खास परिस्थितियों के जैसे निवेशक की मृत्यु। इसमें निवेश किया गये अमाउंट पर सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल सकती है।

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