मई आते ही नौकरीपेशा और टैक्सपेयर्स के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा घूमने लगता है? आखिर टैक्स कैसे बचाया जाए? कई लोग आखिरी समय में जल्दबाजी में निवेश करते हैं, लेकिन सही जानकारी नहीं होने की वजह से पूरा फायदा नहीं उठा पाते। अगर आप पुराने टैक्स रिजीम का इस्तेमाल करते हैं। तो Section 80C के तहत कुछ ऐसे निवेश के ऑप्शन हैं, जो टैक्स बचाने के साथ-साथ भविष्य के लिए अच्छी सेविंग करा सकते हैं।
सरकार सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट देती है। हालांकि यह फायदा सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में मिलता है। नई टैक्स रिजीम में कम टैक्स दरें जरूर हैं, लेकिन ज्यादातर डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता।
1. इन्वेस्टमें के सबसे फेमस विकल्पों में से एक है ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम है। यह म्यूचुअल फंड से जुड़ा निवेश होता है, जिसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड रहता है। बाजार अच्छा रहने पर इसमें बेहतर रिटर्न मिल सकता है। टैक्स बचाने के साथ-साथ लंबे पीरियड में पैसा बढ़ाने के लिए भी लोग इसे पसंद करते हैं।
2. दूसरा भरोसेमंद ऑप्शन पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF है। यह सरकार की स्कीम है और फिलहाल करीब 7.1% ब्याज देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट टैक्स फ्री होता है। लंबे समय की सुरक्षित सेविंग के लिए इसे काफी अच्छा माना जाता है।
3. इसके अलावा नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC भी टैक्स बचाने का फेमस तरीका है। इसमें 5 साल का लॉक-इन होता है और सरकार तय ब्याज देती है। जिन लोगों को सुरक्षित निवेश पसंद है, वे अक्सर पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम को चुनते हैं।
4. बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना भी टैक्स सेविंग का अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें सालाना 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री होती है।
हालांकि एक बात समझना जरूरी है कि चाहे आप कितनी भी स्कीम में निवेश करें, सेक्शन 80C के तहत कुल टैक्स छूट सिर्फ 1.5 लाख रुपये तक ही मिलेगी। यानी इससे ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त टैक्स फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और फाइनेंशियल टारगेट को ध्यान में रखना जरूरी है।