Tax Saving Option: फाइनेंशियल ईयर 2024-25 खत्म होने में अब 2 महीने से कम समय बचा है। ऐसे में जो लोग अपने टैक्स को कम करना चाहते हैं, उनके पास सही निवेश करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है। कई लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जिससे उन्हें टैक्स में छूट मिले और उनका भविष्य भी सुरक्षित रहे। समय पर टैक्स प्लानिंग करना जरूरी होता है ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। यहां हम आपको कुछ बेहतरीन स्कीम्स के बारे में बता रहे हैं, जिनमें निवेश करके आप टैक्स बचा सकते हैं और अच्छा रिटर्न भी कमा सकते हैं।
1. इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)
ELSS फंड एक बढ़िया टैक्स सेविंग ऑप्शन है, जिसमें इनकम टैक्स एक्ट की सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। इसमें कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। इसकी लॉक-इन अवधि सिर्फ तीन साल की होती है, जो अन्य टैक्स सेविंग ऑप्शंस के मुकाबले सबसे कम है।
2. नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)
NPS रिटायर के लिए एक अच्छा विकल्प है, जिसमें सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये और 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती मिलती है। इससे आपको टैक्स बचाने के साथ-साथ सुरक्षित भविष्य का भी फायदा मिलता है।
3. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
PPF एक सुरक्षित और टैक्स-फ्री निवेश विकल्प है। इसमें 80C के तहत छूट मिलती है और ब्याज तथा मैच्योरिटी की राशि भी टैक्स-फ्री होती है। यह उन लोगों के लिए बढ़िया है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।
4. यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP)
ULIP में आपको जीवन बीमा के साथ निवेश का भी फायदा मिलता है। यह पांच साल की लॉक-इन अवधि के साथ आता है। इसमें प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स-फ्री होती है।
5. टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
अगर आप कम जोखिम वाला विकल्प चाहते हैं, तो टैक्स सेवर एफडी एक अच्छा ऑप्शन है। इसमें पांच साल की लॉक-इन अवधि होती है और 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। हालांकि, इसमें समय से पहले पैसा नहीं निकाल सकते।
6. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना काफी फायदेमंद है। इसमें 8.2% सालाना ब्याज मिलता है और 30 लाख रुपये तक की निवेश राशि पर टैक्स कटौती मिलती है।
7. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
यह योजना खासतौर पर 10 साल से कम उम्र की बेटियों के लिए बनाई गई है। इसमें 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है और इसका रिटर्न भी टैक्स-फ्री होता है।