इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख बहुत नजदीक आ गई है। अगर आपने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द कर दें। ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग बहुत आसान है। आपको सिर्फ कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख बहुत नजदीक आ गई है। अगर आपने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द कर दें। ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग बहुत आसान है। आपको सिर्फ कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
अगर आप चाहें तो ऑफलाइन रिटर्न फाइलिंग कर सकते हैं। आपको किसी भी स्थिति में 31 जुलाई, 2022 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है। अगर आप पहले से उन डॉक्युमेंट को जुटा लेंगे, जो रिटर्न फाइलिंग के लिए जरूरी हैं तो यह काम और आसान हो जाएगा।
आप नौकरी करते हैं तो यह डॉक्युमेंट आपकी कंपनी आपको इश्यू करेगी। हर साल 15 जून तक कंपनियों के लिए एंप्लॉयीज को फॉर्म 16 इश्यू करना जरूरी है। यह एक तरह से टीडीएस सर्टिफिकेट है। इसमें बतौर सैलरी कंपनी से आपको मिली रकम की जानकारी होती है। साथ ही कंपनी की तरफ से काटे गए TDS का भी ब्यौरा होता है। इसके दो पार्ट्स होते हैं।
2. दूसरे टीडीएस सर्टिफिकेट्स
आपको दूसरे टीडीएस सर्टिफिकेट्स भी रिटर्न फाइलिंग से पहले जुटा लेना जरूरी है। अगर आपको पिछले वित्त वर्ष में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 40,000 रुपये से ज्यादा इंटरेस्ट मिला है तो बैंक ने इस पर टीडीएस काटा होगा। बैंक इसके लिए फॉर्म 16ए जारी करते हैं। अगर म्यूचुअल फंड हाउस 5000 रुपये से ज्यादा डिविडेंड देते हैं तो वे टीडीएस काटते हैं। उनके लिए भी फॉर्म 16ए जारी करना जरूरी है।
अगर आपको हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा हाउस रेंट मिलता है तो आपको किराएदार से फॉर्म 16सी लेना होगा। अगर आपने 50 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी बेची है तो खरीदार के लिए उस पर TDS काटना जरूरी है। आपको खरीदार से फॉर्म 16बी मांगना होगा।
3. इंटरेस्ट इनकम और दूसरे इंटरेस्ट सर्टिफिकेट
आईटीआर फॉर्म में सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि से मिलने वाले इंटरेस्ट के बारे में जानकारी मांगी जाती है। बैंक, पोस्ट ऑफिस और दूसरे वित्तीय संस्थान इंटरेस्ट सर्टिफिकेट जारी करते हैं। अगर आपके पास इंटरेस्ट सर्फिफिकेट उपलब्ध नहीं है तो आप बैंक पासबुक से इसकी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
सेविंग अकाउंट से 10,000 रुपये तक के इंटरेस्ट को टैक्स से छूट मिलती है। आप सेक्शन 80टीटीए के तहत इस छूट का दावा कर सकते हैं। अगर आपने होम लोन या एजुकेशन लोन लिया है तो आपको बैंक से रिपेमेंट सर्टिफिकेट लेना होगा। इससे आप एग्जेम्पशन और डिडक्शन का दावा कर सकते हैं।
4. एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नवंबर 2021 में एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की शुरुआत की थी। इसमें एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान आपके हर ट्रांजेक्शन की जानकारी होती है। आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट से इसे डाउनलोड कर अपने सभी ट्राजेंक्शन का मिलान इससे कर लेना चाहिए।
5. फॉर्म 26एएस
यह एक तरह से टैक्स पासबुक है। इसमें आपके पैन नंबर के साथ काटे गए और सरकार के पास डिपॉजिट किए गए सभी टैक्स का डिटेल होता है। आपको टीडीएस सर्टिफिकेट, इंटरेस्ट सर्टिफिकेट में दी गई जानकारी को फॉर्म 26एएस में दी गई जानकारी से मिलान कर लेना चाहिए।
6. टैक्स सेविंग्स इनवेस्टमेंट प्रूफ
अगर आपने टैक्स बचाने के लिए इनवेस्टमेंट किया है तो आपको उसका प्रूफ जुटा लेना चाहिए। इसमें सेक्शन 80 सी और 80डी के तहत आने वाले इनवेस्टमें शामिल हैं। आपको टैक्स फंड में निवेश, बच्चों के स्कूल की ट्यूशन फीस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस पेमेंट का सर्टिफिकेट आदि जुटा लेना चाहिए।
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