तय वक्त से पहले BCCI से डील खत्म कर सकती है Paytm, होगी मास्टरकार्ड की एंट्री

Paytm ने अगस्त 2019 में बीसीसीआई के साथ टाइटल स्पॉन्सरशिप डील को चार साल के लिए रिन्यू किया था। उसने 326.80 करोड़ रुपये की बोली लगाकर यह डील हासिल की थी। इस तरह उसने प्रति मैच 3.80 करोड़ रुपये चुकाए थे

अपडेटेड Jul 27, 2022 पर 5:45 PM
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यह डील इंडियन क्रिकेट टीम की देश और विदेश दोनों तरह के मैचों के लिए थी।

Team India को जल्द नया स्पॉन्सर मिल सकता है। खबर है कि Paytm ने तय वक्त से एक साल पहले BCCI के साथ स्पॉन्सरशिप डील खत्म करने का फैसला किया है। मास्टरकार्ड बीसीसीआई का नया स्पॉन्सर बन सकती है। यह डील इंडियन क्रिकेट टीम की देश और विदेश दोनों तरह के मैचों के लिए थी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने स्पॉन्सरशिप टाइटल मास्टरकार्ड को ट्रांसफर करने की पेटीएम की गुजारिश मान ली है। बीसीसीआई के साथ पेटीएम का स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट 2023 तक वैलिड था। पेटीएम ने शुरुआत में बीसीसीआई के साथ 7 साल का कॉन्ट्रैक्ट किया था।

मामले से जुड़े सूत्रों ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, "पेटीएम ने डील से बाहर होने की इच्छा जताई थी। मास्टरकार्ड उसी प्राइस पर स्पॉन्सर बनने के लिए तैयार है।" खबर में बताया गया है कि BCCI ने इस प्रस्ताव को मान लिया है और कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया जा रहा है। इस पर अगले 5 से 10 दिन में हस्ताक्षर हो सकते हैं।


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मास्टकार्ड ने यह माना है कि क्रिकेट की एक बड़ी स्पॉन्सरशिप में उसकी हिस्सेदारी से जुड़ी खबरें आ रही हैं। हालांकि, उसने इस मसले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। Paytm ने अगस्त 2019 में बीसीसीआई के साथ टाइटल स्पॉन्सरशिप डील को चार साल के लिए रिन्यू किया था। उसने 326.80 करोड़ रुपये की बोली लगाकर यह डील हासिल की थी। इस तरह उसने प्रति मैच 3.80 करोड़ रुपये चुकाए थे।

Paytm ने पहली बार 2015 में BCCI के साथ स्पॉन्सरशिप डील की थी। चार साल की इस डील के लिए उसने 203 करोड़ रुपये चुकाए थे। यह प्रति मैच 2.40 करोड़ रुपये था। नई डील इसके मुकाबले 58 फीसदी कीमत पर हुई है।

पेटीएम ऐसे वक्त यह डील खत्म कर रही है, जब कई कंज्यूमर टेक स्टार्टअप वैल्यूएशन पर दबाव महसूस कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में PWC की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल और जून के दौरान स्टार्टअप फंडिंग में 40 फीसदी कमी आई है।

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर में कहा गया है कि मास्टरकार्ड को 2023 तक का राइट्स हासिल होगा। यह पेटीएम के साथ हुई डील का आखिरी साल है। वे 3.8 करोड़ रुपये चुकाते रहेंगे, जबकि पेटीएम को ऑरिजिनल डील वैल्यू का 5 फीसदी चुकना होगा। यह रिएसाइनमेंट फीस के रूप में होगा।

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