ITR Filing: आखिरी दिन भी नहीं भर पाए ITR? अब मिल सकती है पेनल्टी, ब्याज और जेल! जानें पूरी जानकारी

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बताया कि बुधवार 31 जुलाई को आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख को शाम 7 बजे तक 7 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने रिटर्न दाखिल किए। इनमें से 50 लाख से अधिक ITR सिर्फ अंतिम दिन जमा किए गए। बता दें कि 31 जुलाई, वित्त वर्ष 2024 में हुई आय के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख थी

अपडेटेड Aug 01, 2024 पर 12:46 PM
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ITR फाइल नहीं करने वाले टैक्सपेयर्स अब जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक बिलेटेड ITR फाइल कर सकते हैं

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बताया कि बुधवार 31 जुलाई को आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख को शाम 7 बजे तक 7 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने रिटर्न दाखिल किए। इनमें से 50 लाख से अधिक ITR सिर्फ अंतिम दिन जमा किए गए। बता दें कि 31 जुलाई, वित्त वर्ष 2024 में हुई आय के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख थी। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "अबतक (31 जुलाई) सात करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से 50 लाख से ज्यादा ITR आज शाम सात बजे तक दाखिल किए गए हैं।"

जिन टैक्सपेयर्स को अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। इससे पहले 2023 में इसी तारीख तक 6.77 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए गए थे, जिनमें से 64.33 लाख रिटर्न आखिरी दिन जमा किया गया था।

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ​​ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में कमाई आय के लिए लगभग 6 करोड़ ITR दाखिल किए गए, जिनमें से 70% रिटर्न कम दर वाले नई टैक्स रिजीम के तहत जमा किए गए हैं। मल्होत्रा ​​ने इस बात पर जोर दिया कि नई टैक्स रिजीम का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और नियमों के पालन के बोझ को कम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स कानूनों की व्यापक समीक्षा चल रही है, जिसके ड्राफ्ट को जल्द ही सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किए जाने की उम्मीद है।


आयकर रिटर्न फाइल नहीं करने पर क्या होगा?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। अगर किसी टैक्सपेयर्स ने इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो अब जुर्माने के साथ 31 दिसंबर तक फाइल कर सकता है। इसे बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (Belated Return) कहा जाता है। इसके लिए उसे पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट भी देना होगा। बिलेटेड रिटर्न के बारे में इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 234F में बताया गया है। इसके अलावा अगर उसका टैक्स बनता है तो उस पर हर महीने 1 फीसदी का इंटरेस्ट भी देना होगा।

कितनी लगती है पेनाल्टी?

सेक्शन 234F के मुताबिक, बिलेटेड रिटर्न फाइल करने की पेनाल्टी टैक्सपेयर्स की सालाना इनकम के हिसाब से लगती है। टैक्सपेयर्स की सालाना इनकम अगर 5 लाख रुपये तक या इससे कम है तो उसे बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए 1,000 रुपये की पेनाल्टी चुकानी होगी। अगर टैक्सपेयर की सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा हो तो उसे 5,000 रुपये की पेनाल्टी चुकानी होगी।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने पर क्या होगा?

रिटर्न नहीं फाइल करने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। जो टैक्सपेयर रिटर्न फाइल नहीं करता है वह अपने करेंट एसेसमेंट ईयर के अपने लॉस को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकेगा। इसके अलावा उस पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पेनाल्टी लगा सकता है। यह एसेस किए गए टैक्स का 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक हो सकता है। ज्यादा वैल्यू वाले मामलों में रिटर्न नहीं फाइल करने पर अदालती कार्रवाई और जेल का भी सामना करना पड़ सकता है।

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