इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने फाइनेंशियल ईयर (FY) 2021-22 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नोटिफाई कर दिया है। इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने सर्कुलर जारी किया है। इसमें डिपार्मेंट के आईटीआर के लिए फॉर्म 1 से 6 तक जारी करने की जानकारी दी गई है। इस नोटिफिकेशंस के बाद टैक्सपेयर्स फाइनेंशियल ईयर 2021-22 या एसेसमेंट ईयर 2022-23 का आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
सबीडीटी ने आईटीआर के लिए फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। लेकिन, टैक्सपेयर्स को जून से पहले अपना आईटीआर फाइल नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि टीडीएस रिटर्न फाइलिंग के लिए ड्यू डेट 31 मई, 2022 है। इसके फाइल होने से पहले टैक्सपेयर्स के फॉर्म 26एसएस अपडेट नहीं होंगे। इसका मतलब है कि टीडीएस रिटर्न फाइल किए बगैर कंपनियां अपने उन इंप्लॉइज को फॉर्म 16 जारी नहीं कर सकेंगी, जिनके टीडीएस पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में डिडक्ट किए गए हैं।
टैक्सपेयर्स को फॉर्म 26एएस मिलने के बाद उसकी अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि टीडीएस रिटर्न फाइलिंग की डेट खत्म हो जाने के बाद इसे अपडेट होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए टैक्सपेयर्स को पहले फॉर्म 26एएस की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। उसके बाद पिछले वित्त वर्ष का आईटीआर फाइल करनी चाहिए।
नौकरी करने वाले जिन लोगों की सैलरी सालाना 2.5 लाख रुपये से कम है, उन्हें भी जून तक इंतजार कर लेना ठीक होगा। इसकी वजह यह है कि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उनके बैंक डिपॉजिट पर टीडीएस डिडक्शन हो सकता है। इसलिए किसी टैक्सपेयर को आईटीआर फाइल करने में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए।