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ITR Filing: बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न और रेगुलर इनकम टैक्स रिटर्न में क्या अंतर है?

बिलेटेड (Belated) अंग्रेजी का शब्द है। इसका मतलब होता है देर से। इसीलिए डेडलाइन यानी आखिरी तारीख के बाद रिटर्न फाइलिंग को बिलेटेड रिटर्न फाइलिंग कहा जाता है। आम तौर पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 20, 2022 पर 2:08 PM
ITR Filing: बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न और रेगुलर इनकम टैक्स रिटर्न में क्या अंतर है?
बिलेटेड रिटर्न फाइलिंग में अगर आपकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो पेनाल्टी 5000 रुपये होगी। सालाना इनकम 5 लाख रुपये से कम होने पर पेनाल्टी 1000 रुपये होगी।

Income Tax Return: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनकी सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है। अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको 31 जुलाई, 2022 तक रिटर्न फाइल करना होगा। यह वित्त वर्ष 2021-22 में आपकी इनकम के लिए होगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) टैक्सपेयर्स को एसएमएस और ईमेल के जरिए ITR फाइलिंग के लिए रिमाइंडर भेज रहा है। इस बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ट्विटर हैंडल से 19 जुलाई को ट्वीट भी किया गया है।

अगर आप डेडलाइन यानी आखिरी तारीख तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर देते हैं तो इसे रेगुलर रिटर्न फाइलिंग कहा जाता है। अगर किसी वजह से कोई व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाता है तो वह इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल कर सकता है। 31 जुलाई के बाद फाइल किए जाने वाले इनकम टैक्स रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है।

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