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डॉलर-रुपया और कच्चे तेल के जोड़ ने मैक्रो समीकरण बिगाड़ा,अभी कुछ समय के लिए चुनिंदा शेयरों में ही रहें

अभी कुछ समय के लिए चुनिंदा शेयरों रहना है। निफ्टी पर हमने दोनों तरफ की बड़ी ट्रेड्स को पकड़ा। यह जरूरी नहीं है कि हर स्विंग का टॉप या बॉटम पकड़ा जाए। टॉप या बॉटम पकड़ना कोई हुनर नहीं, बल्कि बेवकूफी है। ट्रेडर का काम ट्रेंड और बाजार के संदेश का सम्मान करना है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 24, 2026 पर 11:17 AM
डॉलर-रुपया और कच्चे तेल के जोड़ ने मैक्रो समीकरण बिगाड़ा,अभी कुछ समय के लिए चुनिंदा शेयरों में ही रहें
Trading Strategy : अनुज सिंघल ने कहा पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों में आपका पैसा नहीं बनेगा। IT में लगातार हमारा निगेटिव नजरिया रहा है

बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उन्होंने सही समय पर फिर सतर्क किया है। इस बार भी सही समय पर आवाज़ ने मुनाफावसूली का कॉल लिया। पिछले 3-4 दिनों से लगातार यही बात की कि अब लॉन्ग ना बनाएं। 24,500-24,550 पर लगातार सिर्फ मुनाफावसूली की बात की गई। ये बात हुई थी कि बाजार में मैक्रो रिस्क वापस खुल गया है। निफ्टी ने लगातार दूसरे दिन lower low और lower high बनाया और कल का हाई तो बुधवार के निचले स्तर से भी नीचे रहा डॉलर-रुपया और कच्चे तेल के जोड़ ने मैक्रो समीकरण बिगाड़ दिया है। डॉलर-रुपया वापस 94 और कच्चा तेल $105 के ऊपर निकला है। बैंक निफ्टी में 2 दिन पहले डेथ क्रॉसओवर बना था। ठीक 57,300 (200 DMA) पर ही जाकर बैंक निफ्टी की रैली फेल हुई।

इंफोसिस: जाने कहां गए वो दिन

एक समय था जब इंफोसिस अंडर प्रॉमिस और ओवर डिलिवर करती थी। आज इंफोसिस गाइडेंस के लोअर एंड को मुश्किल से ही पूरा कर पाती है सुनहरे दिनों में कंपनी अपर एंड को आराम से पार कर लेती थी। Q4 में इंफोसिस की CC आय -0.5% अनुमान के मुकाबले -1.3% रही और FY27 की गाइडेंस भी एकदम फीकी रही। कॉन्स्टेंट करेंसी में सिर्फ 1.5-3.5% की ग्रोथ रही। डील विन्स $3.2 बिलियम रही जबकि, पिछले 3 तिमाहियों का औसत $4.5 बिलियन था और ये IT कंपनियां क्या कर रही हैं? डिविडेंड या बायबैक।

पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों में आपका पैसा नहीं बनेगा। IT में लगातार हमारा निगेटिव नजरिया रहा है। पूरा बाजार चला तो थोड़ा IT भी चल गया। लेकिन इस फेज में भी IT ने अंडरपरफॉर्म ही किया है। आज इंफोसिस शायद नया 52-week low लगा देगा और ये सब तब हो रहा है जब रुपया इतना कमजोर रहा है। इस बाजार में IT के बाहर अच्छे मौके हैं। IT में रहना ही है तो सिर्फ OFSS जैसे शेयर चुनें।

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