UPI New Rules: 1 अप्रैल से बदलेगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, RBI लागू करेगा नए नियम, अब सिर्फ OTP से नहीं चलेगा काम

UPI New Rules: आरबीआई का नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसके तहत अब ऑनलाइन पेमेंट के लिए सिर्फ OTP काफी नहीं होगा बल्कि फिंगरप्रिंट या पिन जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन जरूरी होंगे। यह कदम डिजिटल ट्रांजैक्शन को और अधिक सुरक्षित बनाने और साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 3:30 PM
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अगर आप भी गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) या नेट बैंकिंग के जरिए धड़ल्ले से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से नए कड़े नियम लागू करने जा रहा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बढ़ते साइबर फ्रॉड और हैकिंग की घटनाओं पर लगाम लगाना है।

क्या है नया '2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' नियम?

अब तक हम अक्सर ऑनलाइन पेमेंट करते समय सिर्फ एक पासवर्ड या मोबाइल पर आए OTP को डालकर ट्रांजैक्शन पूरा कर लेते थे। लेकिन 1 अप्रैल से यह प्रक्रिया बदल जाएगी। नए नियमों के अनुसार, अब हर डिजिटल पेमेंट के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य होगा।

इसका मतलब यह है कि सिर्फ एक वेरिफिकेशन काफी नहीं होगा। आपको अपनी पहचान साबित करने के लिए कम से कम दो चरणों से गुजरना होगा। इनमें से एक तरीका 'डायनामिक' होना चाहिए, जो हर बार बदलता रहे।


वेरिफिकेशन के लिए अब क्या करना होगा?

RBI के नए निर्देशों के तहत, बैंकों और पेमेंट कंपनियों को सुरक्षा के अतिरिक्त विकल्प देने होंगे। अब पेमेंट पूरा करने के लिए आपको नीचे दिए गए तरीकों में से किसी एक का संयोजन इस्तेमाल करना पड़ सकता है:

* बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट (Fingerprint) या फेस आईडी (Face ID)।

* UPI PIN या मोबाइल PIN: आपका गुप्त चार या छह अंकों का कोड।

* डायनामिक OTP: जो आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आएगा।

* सॉफ्टवेयर टोकन: सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष डिजिटल कोड।

विशेष नोट: छोटी रकम के ट्रांजैक्शन पर नियमों में थोड़ी ढील हो सकती है, लेकिन बड़ी राशि या किसी संदिग्ध लेनदेन पर बैंक आपसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन (रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन) की मांग करेंगे।

आम जनता पर इसका क्या असर होगा?

1. सुरक्षा की गारंटी: यदि भविष्य में कोई फ्रॉड होता है और बैंक ने इन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी नहीं होगी। बैंक को वह पैसा वापस करना होगा।

2. थोड़ा अतिरिक्त समय: पेमेंट करने में अब पहले के मुकाबले 5-10 सेकंड ज्यादा लग सकते हैं क्योंकि आपको पिन के साथ बायोमेट्रिक या अन्य स्टेप भी फॉलो करने होंगे।

3. फ्रॉड से बचाव: फिशिंग और अनधिकृत ट्रांजैक्शन पर लगाम लगेगी क्योंकि हैकर्स के लिए सिर्फ आपका OTP चुराना अब काफी नहीं होगा।

विदेशी पेमेंट्स के लिए अलग समय सीमा

ध्यान देने वाली बात यह है कि देश के भीतर होने वाले सभी डिजिटल पेमेंट्स (जैसे UPI, कार्ड, वॉलेट) पर यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। हालांकि, विदेशी वेबसाइट्स या ऐप्स पर किए जाने वाले भुगतान के लिए कंपनियों को थोड़ा और समय दिया गया है; वहां यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले अपने बैंकिंग ऐप्स, PhonePe, और Google Pay को अपडेट जरूर कर लें। साथ ही, अपने फोन में बायोमेट्रिक लॉक (फिंगरप्रिंट) को एक्टिवेट रखें ताकि ट्रांजैक्शन के समय आपको परेशानी न हो। याद रखें, नियम आपकी सुरक्षा के लिए बदले जा रहे हैं, इसलिए किसी के भी साथ अपना PIN या पासवर्ड साझा न करें।

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