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UPI Payment: 3000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, सरकार कर सकती है ऐलान

UPI Payment: डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम खबर है। सरकार अब 3,000 रुपये या उससे ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाने पर विचार कर रही है। अभी तक UPI से पेमेंट करने पर न तो ग्राहक को कोई चार्ज देना पड़ता है और न ही ट्रेडर्स से कोई फीस ली जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 11, 2025 पर 4:21 PM
UPI Payment: 3000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, सरकार कर सकती है ऐलान
UPI Payment: डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम खबर है।

UPI Payment: डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम खबर है। सरकार अब 3,000 रुपये या उससे ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने पर  विचार कर रही है। सरकार MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगा सकती है। अभी तक UPI से पेमेंट करने पर न तो ग्राहक को कोई चार्ज देना पड़ता है और न ही ट्रेडर्स से कोई फीस ली जाती है। इसे ही Zero MDR Policy कहते हैं। लेकिन अब यह सिस्टम 3,000 रुपये या उससे ऊपर की यूपीआई पेमेंट पर बदल सकता है।

क्या होती है MDR फीस?

MDR दरअसल एक फीस होती है जो बैंक या पेमेंट ऐप कंपनियां ट्रेडर्स से वसूलती हैं, जब कोई ग्राहक उनके यहां UPI से पेमेंट करता है। सरकार फिलहाल इस तरह का चार्ज केवल सिर्फ 3,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर लगाने की सोच रही है। इसका मतलब है कि आम लोग जो रोजमर्रा की छोटी खरीदारी UPI से करते हैं, जैसे सब्ज़ी, किराना, दूध या ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते हैं, उन पर कोई असर नहीं होगा।

सरकार क्यों कर रही है MDR लगाने पर विचार?

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