मध्यपूर्व में हालात बिगड़ने से कई एयरलाइंस ने अपनी फ्लाइट्स कैंसिल की है या उनके रूट में बदलाव किए हैं। इससे सैकड़ों हवाई यात्री ट्रांजिट एयरपोर्ट्स पर फंस गए हैं। इनमें कई भारतीय हवाई यात्री हैं। उन्हें नहीं पता कि उन्हें कब तक इंतजार करना पड़ेगा। घर से दूर लंबे समय तक रहने में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें हेल्थ इमर्जेंसी शामिल है। सवाल है कि ऐसी स्थिति में उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी कितना काम आएगी?
