Get App

10% महंगी हुई शाकाहारी थाली, प्याज, टमाटर की कीमतों ने बढ़ाई कॉस्ट

Veg Thali Cost: शाकाहारी थाली की कीमत जून में औसतन 10 प्रतिशत तक बढ़ गई। प्याज, टमाटर और आलू की कीमतों में आई तेजी इसकी प्रमुख वजह रही। क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस की मंथली रिपोर्ट ‘रोटी राइस रेट’ के अनुसार..

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2024 पर 4:03 PM
10% महंगी हुई शाकाहारी थाली, प्याज, टमाटर की कीमतों ने बढ़ाई कॉस्ट
Veg Thali Cost: शाकाहारी थाली की कीमत जून में औसतन 10 प्रतिशत तक बढ़ गई।

Veg Thali Cost: शाकाहारी थाली की कीमत जून में औसतन 10 प्रतिशत तक बढ़ गई। प्याज, टमाटर और आलू की कीमतों में आई तेजी इसकी प्रमुख वजह रही। क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस की मंथली रिपोर्ट ‘रोटी राइस रेट’ के अनुसार, ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत में गिरावट से मांसाहारी भोजन की कॉस्ट में कमी आई है। इसमें कहा गया कि शाकाहारी थाली की कीमत जून में 10 प्रतिशत बढ़कर 29.4 रुपये प्रति थाली हो गई, जो जून 2023 में 26.7 रुपये थी।

मई 2024 में यह 27.8 रुपये थी। शाकाहारी थाली में रोटी, सब्जियां (प्याज, टमाटर तथा आलू), चावल, दाल, दही और सलाद शामिल है। रिपोर्ट में शाकाहारी थाली की कीमत में कुल बढ़ोतरी का कारण टमाटर की कीमतों में 30 प्रतिशत, आलू में 59 प्रतिशत और प्याज में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बताया गया है।

क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार प्याज के मामले में रबी की फसल के रकबे में भारी गिरावट से आवक कम रही, जबकि मार्च में बेमौसम बारिश के कारण आलू की पैदावार कम हुई। कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में उच्च तापमान के कारण ग्रीष्मकालीन फसल में संक्रमण होने से टमाटर की आवक पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत कम हुई। रिपोर्ट में कहा गया, इसके अलावा रकबे में कमी के कारण चावल की कीमतों में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप आवक कम रही। प्रमुख खरीफ महीनों में सूखे के कारण दालों की कीमतों में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

मांसाहारी थाली की कीमत जून में घटकर 58 रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसकी कीमत 60.5 रुपये थी। मई में इसकी कीमत 55.9 रुपये प्रति थाली थी। इसमें सामग्री शाकाहारी थाली के समान होती हैं, लेकिन दाल की जगह चिकन होता है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले सालों की तुलना में ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत में करीब 14 प्रतिशत की कमी, अधिक सप्लाई और चारे की कम कॉस्ट के कारण मांसाहारी थाली की कॉस्ट में कमी आई है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें