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पिता ने नहीं बनाई कोई वसीयत, तो बेटी को भी मिलेगा प्रॉपर्टी में बराबरी का हक, जानिय कानून

भारत में ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के लिए संपत्ति जोड़ते हैं और कई बार एक वसीयत भी बनाते हैं ताकि उनके निधन के बाद संपत्ति का बंटवारा बिना झगड़े के हो सके। लेकिन अगर कोई व्यक्ति वसीयत नहीं छोड़ता है, तो बच्चों के बीच प्रॉपर्टी का बराबर हिस्सा होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 08, 2025 पर 12:52 PM
पिता ने नहीं बनाई कोई वसीयत, तो बेटी को भी मिलेगा प्रॉपर्टी में बराबरी का हक, जानिय कानून
भारत में अक्सर माता-पिता अपने बच्चों के लिए संपत्ति जोड़ते हैं और कई बार एक वसीयत भी बनाते हैं

भारत में ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के लिए संपत्ति जोड़ते हैं और कई बार एक वसीयत भी बनाते हैं। ताकि, उनके जाने के बाद बाद संपत्ति के बंटवारे को लेकर झगड़ा न हो।लेकिन अगर कोई व्यक्ति वसीयत नहीं छोड़ता है, तो बच्चों के बीच प्रॉपर्टी का बराबर हिस्सा होता है। इसमें बेटा और बेटी दोनों होते हैं। कानून में पिता की संपत्ति पर बेटे और बेटी को बराबर का हक दिया है।

बेटियों का भी है बराबरी का अधिकार

2005 में हिंदू उत्तराधिकार कानून (Hindu Succession Act) में किए गए रिवीजन के अनुसार बेटियों को भी पिता की संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार मिला है। चाहे बेटी शादीशुदा हो या कुंवारी, उसे पिता की कमाई संपत्ति और प्रॉपर्टी में बराबर का हिस्सा मिलता है। लेकिन ये तभी है जब पिता ने वसीयत नहीं लिखी हो। अगर पिता मरने से पहले वसीयत लिखकर गए हैं तो उसके मुताबिक बच्चों को प्रॉपर्टी मिलती है।

वसीयत न हो तो क्या होगा?

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