Get App

DINK trend: क्या है 'डबल इनकम, नो किड्स' ट्रेंड, इसे धड़ल्ले से क्यों अपना रहे भारतीय; जानिए क्या होगा इसका असर

DINK trend: भारत में DINK यानी डबल इनकम, नो किड्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। महंगाई, करियर और लाइफस्टाइल प्राथमिकताओं ने इस बदलाव को और गहरा कर दिया है। लेकिन इसका असर सिर्फ परिवारों तक सीमित नहीं... अर्थव्यवस्था, बाजार और नीतियों तक भी पहुंचेगा। जानें पूरी डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 11:25 PM
DINK trend: क्या है 'डबल इनकम, नो किड्स' ट्रेंड, इसे धड़ल्ले से क्यों अपना रहे भारतीय; जानिए क्या होगा इसका असर
कई कपल मानते हैं कि मौजूदा समय में बच्चे पालना बहुत महंगा और समय लेने वाला काम हो गया है।

DINK trend: अब भारत में 'डबल इनकम, नो किड्स' (Double Income, No Kids) यानी DINK। यह उन कपल्स का समूह है जहां दोनों पार्टनर कमाते हैं लेकिन बच्चे न रखने का फैसला करते हैं। यह सिर्फ लाइफस्टाइल चॉइस नहीं, बल्कि बदलते शहरी भारत की आर्थिक स्थिति, प्राथमिकताओं और रिश्तों की नई समझ का संकेत है।

डेटा और सर्वे बताते हैं कि यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है और इसकी वजहें बहुत स्पष्ट हैं। जैसे कि महंगाई, करियर का दबाव, बच्चों की परवरिश की लागत और स्वतंत्र जीवनशैली की चाह। यह बदलाव भारत के शहरी मध्यवर्ग को पहले से बिल्कुल अलग दिशा में लेकर जा रहा है।

बच्चे न रखने के पीछे की वजहें

कई कपल मानते हैं कि मौजूदा समय में बच्चे पालना बहुत महंगा और समय लेने वाला काम हो गया है। शहरी परिवारों में मेडिकल खर्च, डेकेयर, स्कूलिंग और उच्च शिक्षा की लागत कई लाख रुपये तक पहुंच जाती है। कई रिपोर्ट्स में जन्म से युवावस्था तक परवरिश की लागत लगभग ₹45 लाख बताई गई है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें