YEIDA Plot Scheme: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की डिमांड तेजी से बढ़ी है। अगर आप भी इस हाई-प्रोफाइल इलाके में अपना आशियाना बनाना चाहते हैं, तो यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) एक शानदार मौका लेकर आई है। अथॉरिटी ने सेक्टर-15C, 18 और 24A में 973 आवासीय प्लॉट्स की स्कीम शुरू की है।
आवेदन की समय सीमा और आवंटन की प्रक्रिया
इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:
रजिस्ट्रेशन अवधि: 6 अप्रैल से 6 मई 2026 तक।
ड्रॉ की तारीख: 18 जून 2026 को भाग्यशाली विजेताओं का चुनाव ड्रॉ के जरिए किया जाएगा।
अलॉटमेंट लेटर: ड्रॉ में नाम आने के बाद 30 दिनों के भीतर सफल आवेदकों को रजिस्टर्ड पोस्ट से अलॉटमेंट लेटर भेज दिया जाएगा।
पजेशन के लिए करना होगा 5 साल का इंतजार
भले ही ड्रॉ जून में हो जाए, लेकिन जमीन पर कब्जा मिलने में वक्त लगेगा। अथॉरिटी का कहना है कि प्लॉट्स पर बिजली, पानी और सड़क जैसे विकास कार्यों को पूरा करने में करीब 5 साल का समय लगेगा। पजेशन की सूचना मिलने के 180 दिनों के भीतर आवंटी को लीज डीड करानी होगी और कब्जा लेना होगा।
प्लॉट्स का साइज और उनकी कीमतें
स्कीम में अलग-अलग साइज के प्लॉट उपलब्ध हैं। आवंटन दर ₹36,260 प्रति वर्ग मीटर तय की गई है:
नोट: कॉर्नर या पार्क फेसिंग प्लॉट के लिए 5% से 15% तक का अतिरिक्त प्रिफरेंस लोकेशन चार्ज (PLC) देना होगा।
घर बनाने के लिए मिलेंगे 3 साल, देरी पर भारी पेनल्टी
पजेशन मिलने के बाद आपके पास घर बनाने के लिए सीमित समय होगा। लीज डीड होने के 3 साल के भीतर घर का निर्माण पूरा कर 'ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' लेना अनिवार्य है। अगर 3 साल में निर्माण नहीं होता है, तो चौथे साल कुल प्रीमियम का 4%, पांचवें साल 5% और छठे साल 6% पेनल्टी देनी होगी। इसके बाद भी देरी होने पर सेक्टर रेट का 4% प्रति वर्ग मीटर सालाना चार्ज लगेगा।
कमर्शियल इस्तेमाल पर होगी पाबंदी
अथॉरिटी ने सख्त नियम बनाए हैं कि इन प्लॉट्स का उपयोग केवल रहने के लिए किया जाएगा। अगर प्लॉट पर दुकान, ऑफिस, क्लीनिक या स्कूल जैसी कोई भी कमर्शियल गतिविधि पाई जाती है, तो आवंटन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। आप आवंटित प्लॉट को दो हिस्सों में बांट नहीं सकते और न ही किसी दूसरे प्लॉट के साथ मिला सकते हैं।