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Baisakhi 2026 Date: आ रहा है बैसाखी का त्योहार, जानें क्यों मनाया जाता है ये पर्व और मेष संक्रांति से क्या है इसका संबंध

Baisakhi 2026 Date: बैसाखी का पर्व पंजाब और हरियाणा में मुख्य रूप से मनाया जाता है। फसलों की कटाई पर मनाए जाने वाले इस पर्व का संबंध मेष संक्रांति और सिख समुदाय से भी है। ये पर्व मुख्य रूप से 14 अप्रैल को मनाया जाता है। आइए जानें ये पर्व क्यों मनाते हैं इसका मेष संक्रांति से क्या संबंध है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 11, 2026 पर 4:51 PM
Baisakhi 2026 Date: आ रहा है बैसाखी का त्योहार, जानें क्यों मनाया जाता है ये पर्व और मेष संक्रांति से क्या है इसका संबंध
ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन से नए सौर कैलेंडर की शुरुआत होती है।

Baisakhi 2026 Date: भारत विविधताओं का देश है। हमारे देश में अलग-अलग राज्य, समुदाय और मान्यता के लोग रहते हैं और अपने पर्व और त्योहार मनाते हैं। ऐसा ही एक पर्व है बैसाखी। फसलों की कटाई का मौसम पूरा होने की खुशी में मनाए जाने वाले इस पर्व के साथ ज्योतिष, क्षेत्रीय और धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। यह पर्व जहां एक ओर कृषि समुदाय के लिए रबी की फसल के कटने और नई फसल के मौसम की खुशी में मनाया जाता है। वहीं, ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन से नए सौर कैलेंडर की शुरुआत होती है। आइए जानें ये पर्व किस दिन मनाया जाएगा, इसका महत्व क्या है और मेष संक्रांति से इसका क्या संबंध है?

कब मनाई जाएगी बैसाखी

बैसाखी, मेष संक्रांति : 14 अप्रैल, मंगलवार

सूर्य गोचर मेष राशि में : 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर।

पुण्यकाल की तिथि : सुबह 5 बजकर 56 मिनट से लेकर शाम को 3 बजकर 55 मिनट तक।

क्यों मनाते हैं बैसाखी?

बैसाखी का दिन सिख समुदाय के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके इतिहास की बात करें तो इस दिन साल 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने एक ऐसा समुदाय बनाया जो समानता, साहस और भक्ति के मूल्यों पर चले। इसी दिन पंज प्यारे की शुरुआत भी हुई थी जिसने सिख समाज में आध्यात्मिक अनुशासन और एकता को मजबूत किया।

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