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Jyeshtha month Hanuman worship: हनुमान जी को क्यों प्रिय है ज्येष्ठ का महीना? जानें इस माह का महत्व

Jyeshtha month Hanuman worship: ज्येष्ठ का महीना शुरू हो चुका है। हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना हनुमान जी को समर्पित बताया जाता है। माना जाता है कि इस माह के हर मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से सभी कष्ठ और दोष दूर होते हैं। आइए जानें ये माह हनुमान जी को क्यों है इतना प्रिय

MoneyControl Newsअपडेटेड May 04, 2026 पर 1:59 PM
Jyeshtha month Hanuman worship: हनुमान जी को क्यों प्रिय है ज्येष्ठ का महीना? जानें इस माह का महत्व
इस साल ज्येष्ठ का महीना साल 2026 में 2 मई से शुरू हो चुका है।

Jyeshtha month Hanuman worship: ज्येष्ठ का महीना हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना होता है। माना जाता है कि यह माह हनुमान जी को इतना प्रिय है कि जो भक्त इस माह में सच्चे दिल से इनकी आराधना करते हैं, संकटमोचन के आशीर्वाद से उनके सारे कष्ट और विपदाएं दूर हो जाती हैं। भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी ऐसे भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहते हैं। माना जाता है कि इस माह में आने वाले हर मंगलवार के दिन अलग तेज होता है। इस दिन सुबह से ही हनुमान मंदिरों में भक्तों की लाइन लग जाती है।

इस दिन लोग उन्हें चोला चढ़ाते हैं, बेसन के लड्डू का भोग लगाते हैं और हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी करते हैं। इस माह को त्याग, तप और सेवा का महीना भी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह में भीषण गर्मी पड़ती है। इस माह में लोगों को पानी या शरबत पिलाने बहुत पुण्यदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की उपासना करने से मानसिक शांति आत्मबल और साहस में वृद्धि होती है। भक्त इस दौरान हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और राम नाम का जप करते हैं, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है।

इस साल ज्येष्ठ का महीना साल 2026 में 2 मई से शुरू हो चुका है और अधिक मास लगने के कारण यह महीना 29 जून तक चलेगा।

भगवान राम ने हनुमान जी को सौंपी थी अयोध्या की जिम्मेदारी

ज्येष्ठ माह हनुमान जी का प्रिय महीना है। इसमें उनकी विशेष पूजा का गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। खासतौर पर इस माह के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी ज्येष्ठ महीने में हनुमान जी का पहली बार प्रभु श्री राम मिलन हुआ था। इतना ही नहीं, जब प्रभु राम अपने परमधाम को जाने लगे तो हनुमान जी महाराज को अयोध्या का राजा बना दिया यानी कि इस कलयुग में हनुमान जी महाराज राजा के रूप में अयोध्या में विराजमान है।

हनुमान जी की पूजा से दूर होते हैं कई ग्रह दोष

अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के महंत के अनुसार ज्येष्ठ महीने में हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ के महीने में उन लोगों को हनुमान जी की पूजा जरूर करनी चाहिए जिन की कुंडली में मंगल या शनि दोष है। माना जाता है कि इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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