Ganga Dussehra 2026: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा के पर्व का अहम स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा का पर्व इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से धरती पर प्रवाहित हुई थीं। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगा है। आमतौर से अधिक मास में पर्व और त्योहार नहीं किए जाते हैं, लेकिन गंगा दशहरा का पर्व अधिक मास में मनाया जा सकता है। इसलिए इस साल यह पर्व ज्येष्ठ अधिक मास की दशमी तिथि को मनाया जाएगा। साथ ही, इस दिन हस्त नक्षत्र और रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है।
संस्कृत में 'दश' का अर्थ दस और 'हरा' का अर्थ दूर करना या नष्ट करना है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य के 10 प्रकार के पाप (3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) नष्ट हो जाते हैं। हरिद्वार, वाराणसी (बनारस), ऋषिकेश और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर इस दिन भव्य गंगा आरती और मेलों का आयोजन होता है, जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। इस बार का गंगा दशहरा बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इसलिए इस बार “दशविध दान” का महत्व कई गुना बढ़ गया है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस दिन श्रद्धा भाव से दान करने पर परिवार में सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
गंगा दशहरा 2026 की सही तारीख
दशमी तिथि प्रारंभ : 25 मई 2026 को सुबह 04:30 बजे से
दशमी तिथि समाप्त : 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे तक
गंगा दशहरा पर दस प्रकार के दान करने की परंपरा है। इसे “दशविध दान” कहा जाता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।