Jaya Ekadashi 2026 vrat: सफलता, समृद्धि और सकारात्मकता के लिए जया एकादशी पर भगवान विष्णु के इन 5 मंत्रों का करें जाप

Jaya Ekadashi 2026 vrat: जया एकादशी का व्रत माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत में 5 मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है। आइए जानें क्या हैं ये मंत्र कौन से हैं और व्रत की तारीख क्या है

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 5:59 PM
Story continues below Advertisement
इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

Jaya Ekadashi 2026 vrat: जया एकादशी का व्रत पूरे साल आने वाले सभी 24 एकादशी उपवासों में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को किया जाएगा। भगवान विष्णु के भक्तों के लिए इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। यह पवित्र व्रत दुख, गरीबी और नकारात्मक कर्मों को दूर करने और समृद्धि, सफलता और शांति लाने वाला माना जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से भूत-पिशाच योनी से मुक्ति मिलती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी व्रत रखने, विष्णु पूजा करने और इस दिन भगवान विष्णु के शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से भक्तों को जीवन के दुखों से मुक्ति मिलती है और उन्हें सफलता, संपन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। यह एकादशी उन लोगों के लिए विशेष रूप से प्रभावी मानी जाती है जो करियर, व्यवसाय या वित्त में बाधाओं का सामना कर रहे हैं। आइए जानें इस साल जया एकादशी का व्रत किस दिन किया जाएगा और इसका समय?

जया एकादशी का व्रत

माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी, 2026 को शाम 4:35 बजे होगी। यह 29 जनवरी, 2026 को दोपहर 1:55 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत गुरुवार, 29 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। इस व्रत का पारण 30 जनवरी, 2026 को सुबह 7:10 बजे से 9:20 बजे तक किया जा सकता है।

भगवान विष्णु के चमत्कारी मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय


यह सबसे शक्तिशाली विष्णु मंत्रों में से एक है। इसे द्वादशाक्षर मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि जया एकादशी पर इसका जाप करने से मन शांत होता है, नकारात्मकता दूर होती है और समृद्धि के रास्ते खुलते हैं।

ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्

यह विष्णु गायत्री मंत्र है, जो बुद्धि को शुद्ध करता है और भक्तों को सही फैसले लेने में मदद करता है। माना जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से करियर, व्यवसाय और वित्तीय अस्थिरता की बाधाएं दूर होती हैं।

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्

यह मंत्र आंतरिक शांति प्रदान कर भावनात्मक संतुलन स्थापित करता है। माना जाता है कि यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा और तनाव से भक्तों की रक्षा करता है। उनके चारों ओर आध्यात्मिक कवच बनाता है।

ॐ विष्णवे नमः

एक छोटा लेकिन शक्तिशाली मंत्र जो भगवान विष्णु के प्रति समर्पण का प्रतीक है। माना जाता है कि भक्ति के साथ इसका जाप करने से इच्छाएं पूरी होती हैं और श्री हरि की दिव्य कृपा प्राप्त होती है।

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा

यह भक्ति मंत्र भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के संयुक्त आशीर्वाद का आह्वान करता है। माना जाता है कि यह दुख दूर करता है, आस्था को मजबूत करता है, और भक्तों को जीवन की बड़ी चुनौतियों से उबरने में मदद करता है।

Pradosh Vrat 2026: इस दिन किया जाएगा जनवरी का तीसरा और अंतिम प्रदोष व्रत, जानिए सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।