June 2025 Vrat Tyohar List: गंगा दशहरा से जगन्नाथ रथयात्रा तक, जून माह के प्रमुख त्योहारों की लिस्ट यहां देखें
June 2025 Vrat Tyohar List: जून 2025 में आस्था से जुड़े कई खास व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। गंगा दशहरा से लेकर जगन्नाथ रथ यात्रा तक इस माह धार्मिक आयोजन रहेंगे। निर्जला एकादशी, योगिनी एकादशी, संकष्टी चतुर्थी, ज्येष्ठ पूर्णिमा और आषाढ़ अमावस्या जैसे व्रत भी रखे जाएंगे। जानें जून में आने वाले सभी पर्वों की पूरी सूची
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अपडेटेड Jun 01, 2025 पर 1:57 PM
June 2025 Vrat Tyohar List: 27 जून को ओडिशा के पुरी शहर में जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी।
जून 2025 का महीना धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद खास माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार जून में जल तत्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आने वाले हैं, जिनका उल्लेख शास्त्रों में भी बड़े आदर से किया गया है। इस महीने का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें दो पवित्र मास—ज्येष्ठ और आषाढ़—का संयोग बन रहा है। इस काल में मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि के लिए विविध अनुष्ठान, उपवास और पूजा-पाठ किए जाते हैं।
गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, वट सावित्री व्रत, गुप्त नवरात्रि और जगन्नाथ रथयात्रा जैसे पर्व न केवल भक्तों के लिए विशेष फलदायक माने जाते हैं, बल्कि ये पर्यावरण, प्रकृति और लोक परंपराओं से भी गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। ऐसे में जून का ये महीना धार्मिक उत्सवों से भरा हुआ रहेगा।
गुप्त नवरात्रि का विशेष योग
इस माह गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 26 जून को होगा। इस दौरान दस महाविद्याओं की गुप्त साधना की जाती है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद प्रभावशाली मानी जाती है। घट स्थापना का समय सुबह 5:25 से 6:58 बजे के बीच रहेगा।
गंगा दशहरा
5 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। ये पर्व ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है और इस दिन दान-पुण्य का अत्यंत महत्व होता है।
निर्जला एकादशी
6 जून को निर्जला एकादशी का उपवास रखा जाएगा। ये वर्ष की सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है क्योंकि इसमें जल तक ग्रहण नहीं किया जाता। इसका पारण 7 जून को होगा।
रवि प्रदोष व्रत
8 जून को रविवार के दिन त्रयोदशी तिथि पर रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। ये व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और पितृ दोष निवारण के लिए भी इसका विशेष महत्व है।
वट सावित्री पूर्णिमा
10 जून को वट सावित्री पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा, जो विशेष रूप से विवाहित स्त्रियों द्वारा पति की दीर्घायु के लिए किया जाता है। ये व्रत महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में अधिक प्रचलित है।
कबीर जयंती और ज्येष्ठ पूर्णिमा
11 जून को संत कबीरदास की जयंती और ज्येष्ठ पूर्णिमा का संयोग रहेगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत संतान सुख और चंद्रदर्शन के लिए रखा जाता है। इस दिन चंद्रोदय शाम 7:41 बजे होगा।
योगिनी एकादशी
21 जून को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन का उपवास सभी पापों से मुक्ति दिलाता है और तीनों लोकों में इसकी महिमा मानी जाती है।
सोम प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि
23 जून को त्रयोदशी और सोमवार का संयोग होने से सोम प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि एक साथ मनाई जाएगी। शिव आराधना का ये विशेष दिन रात्रि 7:22 से 9:23 तक शुभ रहेगा।
आषाढ़ अमावस्या
25 जून को आषाढ़ अमावस्या रहेगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और पितरों के लिए तर्पण व दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ
26 जून से गुप्त नवरात्रि आरंभ होगी। ये साधना का विशेष काल होता है, जिसमें मां दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा की जाती है।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा
27 जून को ओडिशा के पुरी शहर में जगन्नाथ रथ यात्रा निकलेगी। इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य शोभायात्रा निकलती है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।