Jyeshtha Amavasya 2026: ज्येष्ठ अमावस्या को हिंदू धर्म के पवित्र और पुण्यदायी तिथि माना जाता है। अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और पितरों के लिए तर्पण-श्राद्ध करना बहुत शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर कुछ दुर्लभ संयोग हर साल होते हैं। जैसे इसी दिन वट सावित्री व्रत किया जाता है और सूर्य पुत्र शनिदेव की जयंति यानी शनि जयंति भी होती है। लेकिन एक और दुर्लभ संयोग इस दिन के साथ जुड़ रहा है। ज्येष्ठ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है। इससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इसी दिन साल की पहली शनिश्चरी अमावस्या भी मनाई जाएगी। आइए जानें ज्येष्ठ अमावस्या की सही तारीख, मुहूर्त और इस दिन क्या करें और क्या न करें ?
