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Kamda Ekadashi Upay: आने वाली कामदा एकादशी, कर्ज से मुक्ति चाहते हैं तो इस दिन करें ये उपाय, जानें तारीख और पूजा विधि

Kamda Ekadashi Upay: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी का व्रत किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित ये व्रत अपने चमत्कारी प्रभावों के लिए जाना जाता है। अपने ऊपर बढ़ रहे कर्ज से परेशान भक्तों को इस दिन कुछ उपाय करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 7:00 AM
Kamda Ekadashi Upay: आने वाली कामदा एकादशी, कर्ज से मुक्ति चाहते हैं तो इस दिन करें ये उपाय, जानें तारीख और पूजा विधि
उदयातिथि के आधार पर कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च दिन रविवार को है।

Kamda Ekadashi Upay: कामदा एकादशी का व्रत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और बहुत से भक्त इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत करते हैं। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। जो भक्त हर माह आने वाले एकादशी तिथियों पर विधि-विधान और पूरी आस्था के साथ व्रत करते हैं, उन पर सृष्टि के पालक भगवान विष्णु की कृपा होती है।

कामदा एकादशी 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि 28 मार्च को सुबह 8 बजकर 45 मिनट से 29 मार्च को सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक है। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च दिन रविवार को है।

कामदा एकादशी 2026 मुहूर्त

कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा सुबह 7 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट के बीच कर सकते हैं। इस अवधि में लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 09:20 बजे से सुबह 10:53 बजे तक है। उसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 10:53 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त प्रात: काल 04:42 बजे से प्रात: 05:28 बजे तक है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:01 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा।

पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद हाथ व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं। भगवान को पीले रंग के वस्त्र, पीले पुष्प और चंदन अर्पित करें। भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें। एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। अंत में भगवान विष्णु और एकादशी माता की आरती करें। गरीबों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।

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