Mangal Shani Yuti 2026: मंगल और शनि दोनों ग्रहों को ज्योतिष शास्त्र के आक्रामक ग्रहों के रूप में जाना जाता है। मंगल जहां पराक्रम और वीरता के कारक माने जाते हैं, वहीं शनि देव को ग्रहों का दंडाधिकारी माना जाता है। इन दोनों ग्रहों का जातक की कुंडली में खास स्थान होता है। इनके स्थान बदलने का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। ये दोनों ग्रह जब एक साथ आते हैं, तो कुछ राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचाते हैं।
मीन राशि में बनेगी शनि-मंगल की युति
मंगल ग्रह 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां शनि पहले से बैठे हुए हैं। ऐसे में मीन राशि में शनि और मंगल की युति से द्वंद्व योग का निर्माण होगा। ज्योतिषविदों की मानें तो यह भयंकर योग तीन राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। इन राशि के जातकों को पेशेवर मोर्चे पर भारी नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। 11 मई को मंगल मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे।
मिथुन राशि : द्वंद्व योग मिथुन राशि के जातकों के लिए कष्टकारी हो सकता है। क्रोध-अहंकार में वृद्धि होगी, जिससे आप कई सुनहरे अवसरों को गंवा सकते हैं। गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा। आवेश में लिया गया निर्णय नुकसानदायक साबित हो सकता है। धन हानि की आशंका बनी रहेगी।
धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए भी मंगल-शनि का यह संयोग अशुभ माना जा रहा है। जल्दबाजी या धैर्य खोना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। धन हानि के संकेत मिल रहे हैं। संपत्ति के मामलों में भी आपको झटका लग सकता है।
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