Navratri 2025: नवरात्र का समय मां दुर्गा की आराधना करने का होता है। लोग इस दौरान मां से अपने आने वाले कल और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए लोग इस दौरान कई उपाय अपनाते हैं। इन्हीं में से एक है अशोक के पत्तों से जुड़ा ये उपाय। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशोक के पेड़ को मां लक्ष्मी और मां दुर्गा का प्रिय वृक्ष माना गया है। कहते हैं नवरात्र में मां दुर्गा जब अपने भक्तों के घर आती हैं तो घर को अशोक के पत्तों के तोरण से सजाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में भी इसका बहुत महत्व बताया गया है। इसे घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और किसी की बुरी नजर भी नहीं लगती।
नवरात्र में घर के मुख्य दरवाजे पर अशोक के पत्तों से बना तोरण लगाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती है। ये छोटा सा उपाय नवरात्र में करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और घर में सकारात्मकता और सौभाग्य आता है। अशोक के पत्ते पूजा में शुभ माने जाते हैं। इसलिए यह मां दुर्गा को प्रसन्न करने का एक सरल और प्रभावी उपाय है। नवरात्रि जैसे पावन समय में इसे लगाने से घर का वातावरण अच्छा बना रहता है। धार्मिक दृष्टि से भी देखें तो अशोक को शुभता, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वास्तुशास्त्र में भी वास्तुदोष दूर करने के लिए भी इसके कई उपाय बताए गए हैं। आइए जानें इसका महत्व और तोरण बनाने का तरीका
अशोक के पत्तों के तारण का महत्व
वास्तु के अनुसार, अशोक पत्तों का तोरण घर के मुख्य दरवाजे पर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यह घर में धन, ऐश्वर्य और खुशहाली लाने वाला माना जाता है। इसे लगाने से सुख-शांति बनी रहती है और आपसी रिश्तों में मधुरता आती है। अशोक के पत्ते बुरी शक्तियों को घर से दूर रखते हैं और बुरी नजर से भी बचाते हैं।