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Padmini Ekadashi 2026: तीन साल बाद अधिक मास एकादशी का शुभ संयोग आज, जानें पद्मिनी एकादशी का पूजा मुहूर्त और विधि

Padmini Ekadashi 2026: आज अधिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज पद्मिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। इस व्रत को करने का अवसर तीन साल में एक बार आता है। इसलिए इसे साल की सबसे दुर्लभ एकादशी माना जाता है। आइए जानें आज पूजा का मूहूर्त और विधि क्या है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 27, 2026 पर 9:18 AM
Padmini Ekadashi 2026: तीन साल बाद अधिक मास एकादशी का शुभ संयोग आज, जानें पद्मिनी एकादशी का पूजा मुहूर्त और विधि
अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी का व्रत किया जाता है।

Padmini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का अहम स्थान है। यह पवित्र तिथि सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु को अति प्रिय है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भक्त श्री हरि की कृपा पाने के लिए उपवास और पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से इस दिन व्रत करते हैं, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के आशीर्वाद से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

यूं तो साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं, लेकिन अधिक मास की एकादशी का विशेष महत्व होता है। अधिक मास तीन साल में एक बार आता है। अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पद्मिनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इसे कमला एकादशी, पुरुषोत्तमी एकादशी या पद्मा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने से यह व्रत ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आज किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुयार, पद्मिनी एकादशी का व्रत करने से भक्तों को अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है।

पद्मिनी एकादशी 2026 तिथि

ज्येष्ठ माह की एकादशी तिथि 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट खत्म होगी। इस व्रत का पारण 28 मई को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक किया जाएगा।

पद्मिनी एकादशी शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त : शाम 7 बजकर 10 मिनट से लेकर 7 बजकर 31 मिनट तक

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