Paush Purnima 2026 Date: नए साल में कब होगी पौष पूर्णिमा? जानिए सही तारीख, पूजा विधि और मुहूर्त

Paush Purnima 2026 Date: पौष पूर्णिमा साल का पहला प्रमुख हिंदू आयोजन होगा। इस तिथि को बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान का बहुत महत्व है। नए साल में पौष पूर्णिमा किस दिन होगी और इस दिन पूजा का मुहूर्त और विधि क्या रहेगी? आइए जानें

अपडेटेड Dec 23, 2025 पर 6:24 PM
Story continues below Advertisement
उदया तिथि के अनुसार पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी।

Paush Purnima 2026 Date: पूर्णिमा की तिथि हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। हिंदू कैलेंडर में पौष के महीने को दूसरा पितृ पक्ष कहा जाता है। इस लिहाज से इस माह की पूर्णिमा तिथि का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही, माना जाता है कि इस दिन सूर्य भगवान की पूजा करने और उन्हें अर्घ्य अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। खास बात ये है कि इस बार पौष पूर्णिमा की तिथि नए साल की शुरुआत में ही पड़ रही है। आइए जानते हैं, नए साल में आने वाला यह पहला प्रमुख अनुष्ठान किस दिन होगा और इसका पूजा मुहूर्त क्या रहेगा?

पौष पूर्णिमा तारीख

पंचांग के अनुसार, पौष माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 जनवरी 2026 को शाम 06 बजकर 53 मिनट से हो रही है। वहीं, ये 03 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो रही है। चूंकि 3 जनवरी को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए उदया तिथि के अनुसार पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, स्नान-दान और व्रत के लिए उदयातिथि को प्रधानता दी जाती है।

पौष पूर्णिमा शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट पर

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट पर


गोधूलि मुहूर्त : दोपहर 05 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट पर

विजय मुहूर्त : दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से 02 बजकर 51 मिनट पर

पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
  • स्नान के बाद “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लें।
  • इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना बहुत ही फलदायी होता है।
  • रात के समय चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें।
  • पूजा के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को तिल, गुड़, कंबल या ऊनी वस्त्रों का दान करें।
  • पौष पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा से परहेज करना चाहिए और और सात्विक जीवन का पालन करना चाहिए।

इन मंत्रों का करें जाप

पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है

  • विष्णु मंत्र : ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  • लक्ष्मी मंत्र : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद

Paush Putrada Ekadashi 2025: 30 या 31 दिसंबर किस दिन होगा पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और विधि

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।