Purushottam Maas 2026 Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। किसी माह में जब अधिक मास लगता है, तो उस माह में प्रदोष व्रत संयोग भी बनता है। यानी एक माह, जो दो माह के बराबर हो जाता है, उसमें 4 प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग प्राप्त होता है। अधिक मास के अतिरिक्त प्रदोष व्रत तीन साल में एक बार मिलने वाला अवसर है। इसे भगवान शिव और शनि देव की कृपा पाने का पवित्र और प्रमुख अवसर माना जाता है।
