Ramadan 2026 Moon Sighting: भारत और सऊदी अरब में इस दिन रखा जाएगा पहला रोजा, जानें चांद दिखने का समय और शाबान खत्म होने का समय

Ramadan 2026 Moon Sighting: इस्लामिक कैलेंडर में रमजान का महीना सबसे महत्वपूर्ण है। लगभग 30 दिनों तक चलने वाले रमजान में दुनियाभर के मुसलमान पूरे दिन बिना खाए-पिए रोजा रखते हैं। आइए जानें इस साल भारत और सऊदी अरब में पहला रोजा कब रखा जाएगा और चांद कब दिखेगा

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 1:55 PM
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इस्लामिक लूनर कैलेंडर के नौवें महीने की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है।

Ramadan 2026 Moon Sighting: रमजान का समय दुनिया भर के मुसलमानों के लिए खुदा की इबादत करने का पाक महीना होता है। इस्लामिक देश ही नहीं भारत जैसे उन देशों में भी रमजान का महीना शुरू होने का लोग पूरे उत्साह से इंतजार करते हैं। ये इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा या उपवास करते हैं। हर दिन इफ्तार की नमाज के बाद रोजा खोला जाता है।

इस्लामिक लूनर कैलेंडर के नौवें महीने की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है। अमावस्या के बाद चांद दिखने के बाद ही रमजान का महीना शुरू होता है। इस साल रमजान के पवित्र महीने का इंतजार बढ़ रहा है क्योंकि अब तब चांद का दीदार नहीं हुआ है। रोजे की तैयारी कर रहे दुनिया भर के मुसलमान पहले रोजे की तारीख को लेकर कन्फ्यूज हैं।

पहले रमजान की शुरुआत 18 फरवरी से मानी जा रही थी। लेकिन सऊदी अरब में अब तक चांद का दीदार नहीं हो सकता है और सऊदी अरब में आमतौर पर भारत से एक दिन पहले इस पवित्र महीने की शुरुआत होती है। अब इसके 19 या 20 फरवरी को पहला रोजा रखे जाने की उम्मीद है। सभी की नजरें अब सऊदी अरब सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक घोषणा पर हैं। कई दूसरे देशों के मुसलमान सऊदी अरब की आधिकारिक घोषणा के आधार पर रमजान की शुरुआत मानते हैं। असल में, चांद दिखने की जगह, मौसम और कैलकुलेशन के तरीकों के हिसाब से अलग-अलग होती है।

एक बयान में, कोर्ट ने मंगलवार शाम को आसमान में चांद देखने को कहा। चांद दिखने पर, साल 2026 में रमजान 18 या 19 फरवरी से शुरू होगा। अगर सऊदी अरब में आज चांद दिख जाता है, तो भारत में रमजान के रोजे 19 फरवरी से शुरू होंगे, नहीं तो 20 फरवरी से। इसका मतलब है कि अगर बुधवार, 18 फरवरी, शाबान का आखिरी दिन है, तो भारत में पहला रोजा गुरुवार, 19 फरवरी को रखा जाएगा।

भारत में कैसे तय होती है रमजान शुरू होने की तारीख?

भारत में, रमजान की शुरुआत हिलाल देखकर होती है। चांद देखने वाली कमेटियां शाबान की 29वीं रात को सूरज डूबने की नमाज के बाद आसमान चांद देखती हैं। रमजान चांद दिखने के अगले दिन से शुरू होता है, नहीं तो शाबान में 30वां दिन बढ़ जाता है। इस्लामिक जानकार तारीख तय करने के लिए चांद दिखने के बाद ही रमजान की शुरुआत मानते हैं।


रमजान का महत्व

इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माने जाने वाले रमजान में मुसलमान सुबह से लेकर सूरज डूबने तक रोजा रखते हैं। रमजान स्व अनुशासन दान, तरावीह की नमाज और कुरान पढ़ने का भी समय है। मुसलमान इस महीने में दान भी करते हैं, इसलिए ये दान का भी समय है। मुसलमान दिन में पांच बार नमाज पढ़ते हैं, जिसमें तरावीह की नमाज भी शामिल है, और पवित्र किताब कुरान पढ़ते हैं।

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