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Shattila Ekadashi 2026: कब किया जाएगा षटतिला एकादशी का व्रत और पारण? जानें तारीख, मुहूर्त और विधि

Shattila Ekadashi 2026: यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस व्रत में तिल के उपयोग का विशेष महत्व है। माना जाता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से हुई थी। इसलिए इस दिन भगवान श्री हरि को तिल का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 8:40 AM
Shattila Ekadashi 2026: कब किया जाएगा षटतिला एकादशी का व्रत और पारण? जानें तारीख, मुहूर्त और विधि
इस एकादशी का तिल से खास संबंध है और भगवान विष्णु को प्रसाद के रूप में सफेद तिल चढ़ाए जाते हैं।

Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और शुभ फलदायी तिथियों में से एक मानी जाती है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस व्रत में तिल के उपयोग का विशेष महत्व है। माना जाता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से हुई थी। इसलिए इस दिन भगवान श्री हरि को तिल का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इस एकादशी के नाम में षट का अर्थ है छह और तिला का तात्पर्य तिल से है। इस व्रत में तिल को छह तरीकों से इस्तेमाल करने का विधान है। भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत को उनकी कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। इस दिन श्री हरि के भक्त पूरे दिन व्रत करते हैं और अगले दिन हरि वासर के बाद पारण करते हैं। एकादशी महीने में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आती है।

षटतिला एकादशी तारीख और समय

इस बार माघ महीने की एकादशी 14 जनवरी, 2026 को मनाई जाएगी। इस साल षटतिला एकादशी का व्रत मकर संक्रांति के पर्व के साथ किया जाएगा। लगभग 23 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ संयोग की वजह से ये दिन और भी खास हो गया है। ये दिन उपयोग भगवान विष्णु और भगवान सूर्य की पूजा और उनका आशीर्वाद पाने का बहुत खास मौका है।

  • एकादशी तिथि शुरू - 13 जनवरी, 2026 को दोपहर 03:17 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त - 14 जनवरी, 2026 को शाम 05:52 बजे
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