Get App

Shukra Ashta 2025: नए साल में शुक्र अस्त होने से 31 जनवरी के बाद ही बजेगी शादी की शहनाई, जानें शुक्र ग्रह के अस्त होने का अर्थ

Shukra Ashta 2025 : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास मकर संक्रांति के बाद समाप्त होते हैं और इसके बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। लेकिन इस बाद ऐसा नहीं होगा, क्योंकि शुक्र ग्रह अस्त है। शुक्र अस्त होने पर भी मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। इसलिए शादियों के मुहूर्त 31 जनवरी के बाद शुरू होंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2025 पर 11:28 PM
Shukra Ashta 2025: नए साल में शुक्र अस्त होने से 31 जनवरी के बाद ही बजेगी शादी की शहनाई, जानें शुक्र ग्रह के अस्त होने का अर्थ
शुक्र ग्रह पूर्व दिशा में अस्त हो चुका हैं और यह स्थिति 31 जनवरी 2026 तक बनी रहेगी।

Shukra Ashta 2025: हिंदू धर्म में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त देखते समय कुछ ग्रहों की स्थिति का विशेष रूप से देखी जाती है। इनमें सूर्य और बृहस्पति के साथ ही शुक्र ग्रह का भी विशेष स्थान है। खरमास में सूर्य और बृहस्पति दोनों कमजोर होते हैं, इसलिए शुभ काम नहीं होते हैं। इसी तरह शुक्र ग्रह भी अगर उदय नहीं हैं, तब भी मांगलिक कार्य नहीं हो सकते हैं। इस समय शुक्र अस्त अवस्था में चल रहे हैं और जब तक ये उदय नहीं होंगे, तब तक मांगलिक कार्यों पर रोक बनी रहेगी। आइए जानें शुक्र कब तक अस्त रहेंगे और मांगलिक कार्य कब तब रुके रहेंगे ?

31 जनवरी तक अस्त रहेंगे शुक्र

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब शुक्र ग्रह अस्त अवस्था में होता है, तब मांगलिक और शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता। इसलिए, इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य करना शास्त्रों में वर्जित माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। ये ग्रह धन, संपत्ति, वाहन, मकान, ऐश्वर्य और जीवन की सुख-सुविधाओं का दाता माना जाता है। ये ग्रह पूर्व दिशा में अस्त हो चुका हैं और यह स्थिति 31 जनवरी 2026 तक बनी रहेगी।

अस्त शुक्र में नहीं होते शुभ काम

शुक्र ग्रह के अस्त होने के दौरान धार्मिक ग्रंथों में मांगलिक कार्यों की तिथियों का उल्लेख भी नहीं मिलता। माना जाता है कि इस समय ग्रहों की अनुकूलता कमजोर रहती है। हालांकि, इस अवधि में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। शुक्र ग्रह के अस्त काल में संयम, दान और विशेष पूजा-पाठ करने से जीवन में संतुलन बना रहता है।

शुक्र के बीज मंत्र जाप से मिलेगी राहत

शुक्र ग्रह 31 जनवरी 2026 तक अस्त अवस्था में रहेंगे। इस अवधि में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए उसके बीज मंत्र का जाप, सफेद वस्तुओं का दान और संयमित जीवन शैली अपनाने की सलाह दी जाती है। इन उपायों से ग्रह दोष के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें