Som Pradosh Vrat 2026: आज साल 2026 का पहला सोम प्रदोष व्रत किया जा रहा है। भगवान शिव के अनन्य भक्तों के लिए ये व्रत बहुत महत्व रखता है। प्रदोष का व्रत प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह ये व्रत साल में 24 बार किया जाता है। इस व्रत में प्रदोष काल यानी सूर्योदय के बाद के दो घंटे में भगवान शिव की माता पार्वती सहित पूजा की जाती है। माना जाता है कि भगवान शिव और मां पार्वती ये व्रत करने वाले अपने सभी भक्तों पर बहुत प्रसन्न रहते हैं।
आज का प्रदोष व्रत चैत्र माह का भी पहला प्रदोष व्रत है। इस व्रत की सबसे खास बात ये है कि इसमें तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। इस व्रत की एक और खास बात ये है कि आज सोमवार है और सोमवार का दिन भगवान शिव के नाम होता है। ऐसे में सोम प्रदोष का महत्व और भी बढ़ जाता है। ये व्रत जिस दिन पड़ता है, उसका नाम उसी हिसाब से होता है। तो आज इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानें आज कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा ?
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर होगा। प्रदोष काल को देखते हुए चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा।
प्रदोष व्रत पर बन रहे तीन शुभ संयोग
प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, सोम प्रदोष पूजा मुहूर्त 16 मार्च को शाम 6 बजकर 48 मिनट से रात 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।