Som Pradosh Vrat 2026: आज है साल का पहला सोम प्रदोष व्रत, तीन शुभ योगों के संयोग में इस शुभ मूर्हूत में करें शिव आराधना

Som Pradosh Vrat 2026: भगवान शिव के भक्त आज साल 2026 का पहला सोम प्रदोष व्रत कर रहे हैं। ये व्रत हर हिंदू माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। आज चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के व्रत में तीन शुभ संयोगों का भी निर्माण हो रहा है

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 3:47 PM
Story continues below Advertisement
प्रदोष का व्रत प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।

Som Pradosh Vrat 2026: आज साल 2026 का पहला सोम प्रदोष व्रत किया जा रहा है। भगवान शिव के अनन्य भक्तों के लिए ये व्रत बहुत महत्व रखता है। प्रदोष का व्रत प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह ये व्रत साल में 24 बार किया जाता है। इस व्रत में प्रदोष काल यानी सूर्योदय के बाद के दो घंटे में भगवान शिव की माता पार्वती सहित पूजा की जाती है। माना जाता है कि भगवान शिव और मां पार्वती ये व्रत करने वाले अपने सभी भक्तों पर बहुत प्रसन्न रहते हैं।

आज का प्रदोष व्रत चैत्र माह का भी पहला प्रदोष व्रत है। इस व्रत की सबसे खास बात ये है कि इसमें तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। इस व्रत की एक और खास बात ये है कि आज सोमवार है और सोमवार का दिन भगवान शिव के नाम होता है। ऐसे में सोम प्रदोष का महत्व और भी बढ़ जाता है। ये व्रत जिस दिन पड़ता है, उसका नाम उसी हिसाब से होता है। तो आज इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानें आज कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा ?

सोम प्रदोष व्रत तारीख

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर होगा। प्रदोष काल को देखते हुए चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत पर बन रहे तीन शुभ संयोग

आज सोम प्रदोष व्रत का दिन बहुत ही शुभ माना जा रहा है क्योंकि क्यों आज तीन शुभ योग बन रहे हैं। आज शिव योग, सिद्ध योग और शुक्रादित्य योग का संयोग है। माना जाता है कि इन योगों में की पूजा का लाभ जरूर मिलता है।


प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सोम प्रदोष पूजा मुहूर्त 16 मार्च को शाम 6 बजकर 48 मिनट से रात 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
  • शुभ मुहूर्त में पूजा घर में शिवजी की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर रख दें।
  • धूपबत्ती और दीया जलाकर पूजा की शुरुआत करें।
  • शिवलिंग का जलाभिषेक करें, बेलपत्र और धतूरा अर्तिप करें।
  • इसके अलावा शिवलिंग का गंगाजल, दूध, घी, दही और शहद से अभिषेक करें।
  • भोग लगाने के बाद शिव चालीसा का पाठ करें।
  • आज के दिन प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें।
  • अंत में भूल-चुक के लिए भगवान शिव से माफी मांग लें।

Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Today: आज किया जाएगा पापमोचनी एकादशी व्रत, आज शिवलिंग का अभिषेक करने से मिटेंगे सारे कष्ट

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।