Vaishakh Pradosh Vrat Upay: इस प्रदोष व्रत में भगवान शिव की इस विधि से करें पूजा, प्रसन्न हो कर झोली भर देंगे महादेव

Vaishakh Pradosh Vrat Upay: प्रदोष व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस दिन विशेष विधि से भगवान शिव की पूजा करने से वो प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 6:02 PM
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वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत बुधवार 15 अप्रैल को किया जाएगा।

Vaishakh Pradosh Vrat Upay: प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन शिव भक्त उपवास करते हैं और प्रदोष काल में माता पार्वती के साथ भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में इस व्रत को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक हिंदू माह की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह ये व्रत भी साल में 24 बार किया जाता है। लेकिन इस व्रत की एक और खास बात है।

दरअसल, प्रदोष तिथि जिस दिन पड़ती है, उसके हिसाब से प्रदोष व्रत का नाम होता है। यानी सोमवार को प्रदोष तिथि पड़ने पर सोम प्रदोष व्रत होता है, जबकि शनिवार को प्रदोष तिथि होने पर शनि प्रदोष व्रत किया जाता है। वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत बुधवार 15 अप्रैल को किया जाएगा, इसलिए ये बुध प्रदोष व्रत होगा। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज ने न्यूज 18 को बताया कि वैशाख माह का पहला प्रदोष काफी शुभ सयोंग में आ रहा है। इस दिन कुछ विशेष वस्तु से शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष पुण्यफल की प्राप्ति करवाता है।

कब रखा जाएगा अप्रैल का पहला प्रदोष व्रत?

पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल को रात 12 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत किया जाएगा।

बुध प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत जब बुधवार को आता है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत सरल उपाय माना जाता है। श्रद्धा और सच्चे मन से की गई पूजा से भोलेनाथ भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं। इस व्रत के प्रभाव से जीवन के दुख, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


वैशाख माह के पहले प्रदोष पर जरूर करें यह उपाय

वैशाख महीने के पहले प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर तिल अर्पित करना या तिल मिले जल से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन के पाप कम होते हैं और घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

अप्रैल माह के पहले प्रदोष व्रत में शिवलिंग पर गेहूं और धतूरा अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे महादेव की कृपा बनी रहती है। पूजा करते समय भगवान शिव से सुख, शांति और संतान सुख की प्रार्थना करें।

लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे लोगों को वैशाख प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करना चाहिए। श्रद्धा से किया गया यह उपाय धन प्राप्ति के मार्ग खोलता है। मान्यता है कि इससे घर में समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक तंगी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।

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