बेटे मायस की सफलता पर मां चेतना ने लिखी इमोशनल पोस्ट तो प्राउड फादर अनिल कुंबले का रिएक्शन भी दिल जीतने वाला!

अपने पोस्ट में चेतना ने बेटे मयास की मेहनत और सफलता को लेकर एक इमोशनल मैसेज लिखा। उन्होंने बताया कि बचपन से ही मयास को पता था कि वह बड़ा होकर क्या बनना चाहता है। चेतना ने लिखा, “जब मयास करीब तीन साल का था, तभी वह पूरे भरोसे के साथ कहता था कि वह इंजीनियर बनेगा

अपडेटेड May 18, 2026 पर 2:28 PM
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अनिल कुंबले ने अपने बेटे मयास के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है।

भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में माता-पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। उनका एक ही लक्ष्य होता है कि उनके बच्चे अच्छी पढ़ाई कर समाज में नाम रोशन करें। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले भी ऐसे ही पेरेंट्स की भूमिका में नजर आ रहे हैं। अनिल कुंबले और उनकी पत्नी चेतना ने  अपने बेटे मयास के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। बता दें कि, मायस ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

बेटे मायस की सफलता पर लिखा इमोशनल पोस्ट 

इस पोस्ट में अनिल कुंबले, उनकी पत्नी चेतना और बेटे मयास की एक खूबसूरत तस्वीर नजर आ रही है। मयास अब इंजीनियर बन गए हैं। इस खास मौके पर चेतना ने अनिल कुंबले को टैग करते हुए एक लंबा और दिल को छू लेने वाला संदेश लिखा। परिवार ने मयास की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।


मां ने कही ये बात 

अपने पोस्ट में चेतना ने बेटे मयास की मेहनत और सफलता को लेकर एक इमोशनल मैसेज लिखा। उन्होंने बताया कि बचपन से ही मयास को पता था कि वह बड़ा होकर क्या बनना चाहता है। चेतना ने लिखा, “जब मयास करीब तीन साल का था, तभी वह पूरे भरोसे के साथ कहता था कि वह इंजीनियर बनेगा। उसके अंदर बचपन से ही गजब का आत्मविश्वास था। वह अपने छोटे हाथों में एक छोटा पाना लेकर कहता था कि एक दिन वह नया स्कूटर बनाएगा। सात साल की उम्र तक आते-आते उसके सपने और बड़े हो गए। वह कारों की डिजाइन बनाना चाहता था और गर्व से कहता था कि उसकी कारों का नाम ‘एमएके’ होगा।”

मायास कुंबले की मां चेतना ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके बेटे का सपना बचपन से ही इंजीनियर बनने का था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर भावुक अंदाज में आगे लिखा, “माता-पिता होने के नाते हम अक्सर बच्चों के सपनों को सुनकर मुस्कुरा देते हैं और सोचते हैं कि आगे चलकर जिंदगी उन्हें कहां ले जाएगी। लेकिन आज जब मैं अपने बेटे को एक इंजीनियर के रूप में ग्रेजुएट होते देख रही हूं, तो मुझे एक खूबसूरत बात समझ आई है। कई बार बच्चे दुनिया से पहले ही यह जान लेते हैं कि वे जिंदगी में क्या बनना चाहते हैं और असल में उनकी पहचान क्या है।”

उन्होंने आगे लिखा, “समय के साथ कई चुनौतियां आईं, कड़ी मेहनत करनी पड़ी और कई रातें बिना सोए बीतीं, लेकिन उस छोटे से बच्चे ने कभी अपने सपने को नहीं छोड़ा। आज उसने आखिरकार अपना सपना पूरा कर लिया है। मेरा दिल गर्व, खुशी और भावनाओं से भर गया है। तुम्हें एक जिज्ञासु बच्चे से, जिसके हाथों में हमेशा औज़ार रहते थे, एक ऐसे इंजीनियर के रूप में बढ़ते देखना, जिसके दिल में अपना मकसद है, मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है मेरे बेटे। तुमने सपना देखा, उस पर भरोसा किया और उसे सच करके दिखा दिया। वह छोटा बच्चा, जो हमेशा कहता था ‘मैं इंजीनियर बनूंगा’, उसने अपना वादा पूरा कर दिया। अब पूरी दुनिया तुम्हारी बनाई चीजों का इंतजार कर रही है।”

अनिल कुंबले भी रह चुके हैं इंजीनियर

बता दें कि, भारत के लिए 957 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले अनिल कुंबले खुद भी इंजीनियर रह चुके हैं। ऐसे में बेटे को इंजीनियर बनते देखना उनके लिए बेहद खास और गर्व का पल रहा। हालांकि अनिल कुंबले ने कोई लंबा पोस्ट नहीं लिखा, लेकिन उन्होंने अपने बेटे के लिए दिल छू लेने वाले शब्द जरूर लिखे। उन्होंने कहा, “मुझे तुम पर गर्व है, मेरे बेटे। तुम अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रहे हो। बहुत-बहुत बधाई। अब इसे अपनी पहचान बनाओ।”

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