टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर बड़ी जीत हासिल की है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया। इस जीत के साथ भारतीय टीम सुपर-8 में पहुंच गई है। इस मुकाबले से पहले भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों का कहर देखने को मिला। भारत के तेज और स्पिन गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके और लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे। वहीं मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के एक फैसले की काफी चर्चा हुई। पाकिस्तान के पुर्व खिलाड़ियों ने इस पर अपना रिएक्शन भी दीया है।
भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान की टीम को शुरुआती झटके दे दिए थे। 12वें ओवर तक पाकिस्तान का स्कोर 78 रन पर 6 विकेट हो चुका था, तब कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया। उन्होंने पार्ट-टाइम गेंदबाज तिलक वर्मा को गेंद थमा दी। सूर्या का ये दांव सफल भी रहा। तिलक ने अपनी पहली ही गेंद पर शादाब खान को आउट कर दिया, जिसका कैच शिवम दुबे ने लपका। इस विकेट के साथ पाकिस्तान की हालत और खराब हो गई और टीम 78 रन पर 7 विकेट गंवा बैठी।
पाकिस्तान टीम का किया अपमान
भारत के इस फैसले को लेकर कुछ पाकिस्तानी एनालिस्ट और जर्नलिस्ट ने नाराजगी जताई और इसे अपनी टीम के लिए बेइज्जती बताया। उनके मुताबिक इतना एकतरफा हो गया कि भारत ने एक्सपेरिमेंट शुरू कर दिए। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने फैसलों में बदलाव नहीं किया और तिलक वर्मा के बाद रिंकू सिंह को भी एक ओवर गेंदबाजी का मौका दिया। रिंकू के ओवर में नौ रन दिए गए।
सूर्या के पार्ट-टाइम गेंदबाजों को आजमाने के फैसले पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने कहा, "सूर्या ने जो सबसे जोर से तमाचा मारा है ना, जब उसने रिंकू और तिलक वर्मा को बॉलिंग कराई है।" उन्होंने गेम ऑन है में कहा, "यही पाकिस्तान क्रिकेट की वैल्यू रह गई है। मैं हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह या वरुण चक्रवर्ती की बात नहीं कर रहा हूं।" इस दौरान उनके साथ पूर्व विकेटकीपर कामरान अकमल भी मौजूद थे।