BCCI: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में एक बड़े बदलाव की योजना बना रहा है। खबरों के मुताबिक, बोर्ड सबसे ऊपरी 'ए+' (A+) कैटेगरी को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो एक दशक से भी अधिक समय में पहली बार दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड 'बी' में डिमोट किया जा सकता है। विराट और रोहित पहले ही T20I और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ए+ कैटेगरी आमतौर पर उन खिलाड़ियों के लिए थी जो तीनों फॉर्मेट खेलते थे। चूंकि अब जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी द्विपक्षीय सीरीज में आराम करते हैं, इसलिए 'ऑल-फॉर्मेट' सीनियर खिलाड़ियों की कमी हो गई है।
वर्तमान कॉन्ट्रैक्ट और संभावित बदलाव
अजीत आगरकर की अध्यक्षता वाली पुरुष चयन समिति ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसे एपेक्स काउंसिल की मंजूरी मिलना बाकी है। BCCI के प्रस्तावित नए नियमों के तहत वर्तमान चार-स्तरीय अनुबंध ढांचे को बदलकर अब केवल तीन श्रेणियां A, B और C रखी जा सकती हैं। फिलहाल A+ ग्रेड में शामिल विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ₹7 करोड़ की वार्षिक सैलरी पाते हैं, लेकिन इस कैटेगरी के खत्म होने और सीनियर खिलाड़ियों के सीमित फॉर्मेट खेलने के कारण कोहली-रोहित को ग्रेड 'B' (₹3 करोड़) में रखा जा सकता है। वहीं, शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की ग्रेड 'A' (₹5 करोड़) में पदोन्नति संभव है, जबकि रिंकू सिंह और संजू सैमसन जैसे युवा सितारे ग्रेड 'C' (₹1 करोड़) में शामिल हो सकते है। एपेक्स काउंसिल की आगामी बैठक में श्रेणियों की संख्या कम करने के साथ ही प्रत्येक ग्रेड की रिटेनर राशि में भी भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
BCCI युवाओं पर लगाएगा दांव
BCCI का यह कदम वर्क मैनेजमेंट और भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में देखा जा रहा है। रवींद्र जडेजा ने भी T20I से संन्यास ले लिया है और वनडे में भी उनका प्रदर्शन चर्चा का विषय है। वर्तमान में नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे युवा खिलाड़ी ही तीनों फॉर्मेट के करीब दिख रहे हैं, लेकिन वे अभी शुरुआती दौर में हैं। सूत्रों के अनुसार, श्रेणियों की संख्या कम होने के बाद रिटेनर राशि में बड़ा इजाफा किया जा सकता है, जिसका फैसला अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में होगा।