Bengaluru Stampede : 3 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 18 सालों के बाद आईपीएल की अपनी पहली ट्रॉफी जीती। इस जीत के बाद अहमदाबाद से लेकर बेंगलुरु तक जश्न का माहौल दिखा। वहीं बेंगलुरु में जश्न के महौल के बीच एक बड़ा हादसा भी हुआ, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। बता दें कि 4 जून को आरसीबी के जश्न के दौरान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 मौतों और 50 के करीब घायल हो गए। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने एक्शन भी लिया है। अब बेंगलुरु पुलिस ने आरसीबी के एक अधिकारी सहित 4 को गिरफ्तार किया है, जबकि कर्नाटक क्रिकेट असोसिएशन के कोषाध्यक्ष फरार हैं।
हादसे में 11 लोगों की हुई है मौत
बता दें कि एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आगे के जश्न से पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक विधान सभा में आरसीबी टीम को सम्मानित किया। लेकिन जैसे ही टीम वहां से रवाना हुई, बाहर बड़ी भीड़ क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई। इस दुखद घटना के बावजूद, स्टेडियम के अंदर जश्न चलता रहा, जहां विराट कोहली और टीम के कप्तान रजत पाटीदार ने प्रशंसकों को संबोधित किया।
इस हादसे के बाद बेंगलुरु पुलिस ने आरसीबी और कार्यक्रम आयोजक कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के चार अधिकारियों को हिरासत में लिया है। गुरुवार को आरसीबी, डीएनए और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। फिलहाल हादसे की जांच जारी है। इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर #ArrestKohli ट्रेंड करने लगा, जहां कई लोग कोहली की आलोचना कर रहे हैं। कुछ का मानना है कि आरसीबी के खिलाड़ियों को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि कोहली इतनी जल्दी लंदन क्यों रवाना हो गए, जबकि उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका दुख बांटना चाहिए था।
भगदड़ की घटना को लेकर आरसीबी, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर गैर इरादतन हत्या, जानबूझकर चोट पहुंचाना, खतरनाक तरीकों से नुकसान पहुंचाना, लोक सेवक को काम करने से रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे आरोप लगे हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 115, 118, 121, 132, 125(12) और 190 के तहत मामला दर्ज किया गया है।