Harbhajan Singh: भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर इस समय भारी दबाव में हैं। 2024 में न्यूजीलैंड और 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के बाद, गंभीर की 'रेड बॉल' रणनीति पर सवाल उठ रहे है। ऐसे में उनके पूर्व साथी और दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने गंभीर का समर्थन करते हुए BCCI को 'धैर्य' रखने की सलाह दी है। बता दें कि गंभीर का व्हाइट बॉल क्रिकेट (ODI/T20) में शानदार रिकॉर्ड है, लेकिन रेड बॉल में टीम के खराब प्रदर्शन ने उन्हें आलोचनाओं के घेरे में ला खड़ा किया है।
हरभजन ने कहा कि भारत का कोच बनना आसान नहीं है। आपको साल भर टीम के साथ सफर करना पड़ता है और लगातार चयन प्रक्रियाओं में शामिल होना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि जब टीम हारती है, तो सारा दोष कोच पर मढ़ देना हमारी परंपरा बन गई है, जबकि जीत पर सब खामोश रहते हैं।
'स्प्लिट कोचिंग' पर दिया बड़ा बयान
क्रिकेट जगत में चर्चा है कि गंभीर को केवल लिमिटेड ओवरों का कोच रखा जाए और टेस्ट के लिए अलग कोच नियुक्त हो। इस पर हरभजन ने कहा, अलग-अलग कोच रखने से टीम में गलतफहमी और कार्यकुशलता में कमी आ सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभी जल्दबाजी की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर भविष्य में हालात की मांग हुई, तो स्प्लिट कोचिंग अपनाने में कोई बुराई नहीं है। फिलहाल, गंभीर को समय मिलना चाहिए क्योंकि टीम अभी 'बदलाव के दौर' से गुजर रही है।
टी20 वर्ल्ड कप में होगा बड़ा इम्तिहान
गौतम गंभीर के लिए असली चुनौती आगामी ICC T20 वर्ल्ड कप है, जो भारत में ही होना है। भारत इस समय डिफेंडिंग चैंपियन है, और अगर गंभीर की कोचिंग में टीम खिताब नहीं जीत पाती है, तो 2026 तक उनकी स्थिति काफी नाजुक हो सकती है।