इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टी20 वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद वेस्ट इंडीज और साउथ अफ्रीका की टीमों के घर वापसी को लेकर बयान जारी किया है। आईसीसी ने टीमों की घर वापसी में हो रही देरी पर उठे भेदभाव के आरोपों पर सफाई दी। दरअसल, इंग्लैंड की टीम 5 मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में भारत से हारने के बाद उसी रात मुंबई से लंदन के लिए रवाना हो गई थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई। अब इस भेदभाव के आरोप पर आईसीसी ने अपना रिएक्शन दिया है।
आईसीसी ने कहा कि ये हालात उसके नियंत्रण से बाहर हैं, इसलिए यात्रा की व्यवस्था करना सामान्य समय की तुलना में ज्यादा कठिन और समय लेने वाला हो गया है। आईसीसी ने कहा, खिलाड़ियों और टीमों की यात्रा से जुड़े सभी फैसले उनकी सुरक्षा और उपलब्ध यात्रा विकल्पों को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
वेस्टइंडीज-साउथ अफ्रीका भारत में फंसी
वेस्ट इंडीज की टीम 1 मार्च को भारत से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी, जबकि साउथ अफ्रीका को 4 मार्च को न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा और वह भी टूर्नामेंट से बाहर हो गया। इसके बावजूद दोनों टीमें तुरंत अपने देश नहीं लौट सकीं और भारत में ही रुकी रहीं। खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट की परेशानी को देखते हुए आईसीसी ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे सैन्य तनाव की वजह से कई उड़ानों में दिक्कत आई, जिसके कारण उनकी यात्रा प्रभावित हुई।
आईसीसी ने बताई देरी की वजह
आईसीसी ने कहा कि, वह समझता है कि जिन खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ का टी20 वर्ल्ड कप 2026 का अभियान खत्म हो चुका है, वे जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाने से सभी को निराशा हो रही है। आईसीसी के अनुसार ये देरी खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव की वजह से हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। कई जगह एयरस्पेस बंद है, मिसाइल अलर्ट जारी हैं और फ्लाइट्स के रास्ते बदलने पड़ रहे हैं। इसके कारण कई कमर्शियल और चार्टर फ्लाइट्स को रद्द या दोबारा तय करना पड़ा।
घर भेजने की लगातार की जा रही कोशिश
आईसीसी ने बताया कि वह सभी प्रभावित टीमों और लोगों को सुरक्षित तरीके से जल्द घर भेजने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। इसके लिए अलग-अलग देशों में एयरलाइंस, चार्टर फ्लाइट कंपनियों, एयरपोर्ट अधिकारियों, ग्राउंड स्टाफ और सरकार से जुड़े अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। खिलाड़ियों की यात्रा को लेकर इंतजाम करने का काम अभी भी जारी है। आईसीसी ने साफ कहा कि, यात्रा से जुड़े फैसले सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और भलाई को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
आईसीसी ने ये भी स्पष्ट किया कि साउथ अफ्रीका और वेस्ट इंडीज़ के लिए की गई व्यवस्था का इंग्लैंड या किसी अन्य देश के लिए पहले किए गए इंतजामों से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि हर टीम की यात्रा की स्थिति, रास्ते और हालात अलग-अलग थे।
खिलाड़ियों की सुरक्षा जरूरी
आईसीसी ने कहा कि, इस पूरी स्थिति में उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी खिलाड़ियों और उनसे जुड़े लोगों की सुरक्षा रही है। इसमें से कई खिलाड़ी अपने परिवार के साथ ट्रैवल कर रहे हैं। आईसीसी ने साफ किया कि जब तक उन्हें पूरी तरह भरोसा नहीं हो जाता कि यात्रा का इंतजाम सेफ है, तब तक किसी को भी रवाना नहीं किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर ये फैसला आगे भी इसी तरह कायम रहेगा। आईसीसी ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट, क्रिकेट बोर्ड और अपने सभी पार्टनर्स के धैर्य और सहयोग के लिए आभारी है। संस्था की टीमें लगातार चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और टीम मैनेजरों के साथ संपर्क में हैं।
कब रवाना होगी साउथ अफ्रीका-वेस्टइंडीज
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार साउथ अफ्रीका की टीम आज रात से अपने देश के लिए रवाना होना शुरू करेगी और उम्मीद है कि सभी सदस्य अगले 36 घंटों के अंदर भारत से निकल जाएंगे। वहीं वेस्ट इंडीज टीम के नौ खिलाड़ी पहले ही कैरिबियन के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि बाकी 16 खिलाड़ियों की अगले 24 घंटों के भीतर भारत से उड़ान की बुकिंग हो चुकी है।