आईसीसी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी सलमान अली आगा को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में नियम तोड़ने के लिए चेतावनी दी है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच ये मैच शुक्रवार को ढाका में हुआ था। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के मुताबिक आगा ने मैदान पर अपने क्रिकेट के इक्विपमेंट का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया। इसी वजह से उन्हें आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई गई और उनके नाम पर एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है।
ग्लव और हेलमेट को जमीन पर फेंक दिया
बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज द्वारा विवादित तरीके से रन आउट किए जाने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी सलमान अली आगा नाराज हो गए। आउट होने के बाद उन्होंने गुस्से में अपना ग्लव और हेलमेट मैदान पर फेंक दिया। थोड़ी देर बाद उन्होंने दोनों सामान उठा लिया, लेकिन जब थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया और वह पवेलियन लौटने लगे, तो उन्होंने फिर से अपना ग्लव और हेलमेट जमीन पर फेंक दिया।
आईसीसी के लेवल-1 का उल्लंघन
मैच रेफरी नेयामुर राशिद ने इस घटना को आईसीसी के नियमों के तहत लेवल-1 का उल्लंघन माना है। उनके अनुसार सलमान अली आगा का व्यवहार खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बने आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के खिलाफ है। इस नियम में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान कोई खिलाड़ी अपने क्रिकेट इक्विपमेंट या कपड़ों, ग्राउंड इक्विपमेंट या फिक्स्चर और फिटिंग से जुड़े सामान का गलत तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सकता।
मैच रेफरी नेयामुर राशिद ने द डेली स्टार से बातचीत में बताया कि, “यह मामला मैदान से बाहर जाते समय क्रिकेट इक्विपमेंट के साथ गलत तरीके से व्यवहार करने से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि सलमान अली आगा का पहले ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं रहा है, लेकिन फैसला लेते समय उन्हें पूरी तरह न्यूट्रैलिटी रहना पड़ता है। इसी वजह से नियमों के अनुसार उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई और उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया।”
बहस पर नहीं होगी कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक मैच रेफरी नेयामुर राशिद ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बांग्लादेश के खिलाड़ी लिटन दास के साथ हुई सलमान अली आगा की तीखी बहस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि इसे आपसी गलतफहमी माना गया है। नेयामुर ने ये कहा कि "फैसला लेते समय नियमों, अपनी ट्रेनिंग और मैच की परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया। साथ ही अंतिम निर्णय से पहले इस मामले पर ICC से भी चर्चा की गई और पूरी न्यूट्रैलिटी के साथ फैसला सुनाया गया।"
ये घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर में हुई। उस समय टीम के तीन विकेट गिर चुके थे और सलमान अली आगा व मोहम्मद रिजवान मिलकर पारी संभाल रहे थे। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की थी। इसी ओवर में रिजवान ने गेंद को हल्के से सामने खेली, जो आगा की तरफ चली गई। आगा क्रीज से बाहर खड़े थे और गेंद उठाने के लिए झुके। तभी मेहदी हसन मिराज ने गेंद लेकर बेल्स गिरा दीं और रन आउट की अपील कर दी। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद आगा को आउट दे दिया, जिससे वह काफी निराश नजर आए।