BCB: टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के तेवर नरम होते पड़ रहे हैं। BCB अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ संबंध सुधारने के लिए बेताब दिख रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशों के बीच BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल 15 फरवरी को कोलंबो जाएंगे। अमीनुल इस्लाम यहां बीसीसीआई के अधिकारियों से मुलाकात कर आपसी मुद्दों पर बात करेंगे। बता दें कि, 15 फरवरी को कोलंबो में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला होने वाला है।
बता दें कि, पिछले करीब डेढ़ साल से भारत और बांग्लादेश के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है। इसकी बड़ी वजह 2025 में बांग्लादेश में बने राजनीतिक हालात रहे, जिसके बाद दोनों देशों के क्रिकेट संबंध ठंडे पड़ गए थे। अब उम्मीद है कि बातचीत के जरिए स्थिति बेहतर हो सकती है। बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो से बातचीत में अमीनुल इस्लाम ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मैच के बुलावा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ओर से मिला है।
अमीनुल इस्लाम ने कहा, “आईसीसी ने एक फैसला लिया है। आईसीसी के बड़े शेयरहोल्डर पांच एशियाई देश हैं। 15 तारीख को होने वाले भारत-पाकिस्तान वर्ल्ड कप मैच के दौरान आईसीसी चाहती है कि इन सभी पांचों एशियाई देशों के प्रतिनिधि मैदान पर एक साथ मौजूद रहें, साथ बैठकर मैच देखें और आपस में बातचीत करें।” भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान मिलकर वर्ल्ड बॉडी में एशियाई ब्लॉक बनाते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बैठक बीसीसीआई के साथ चल रहे तनाव को कम करने का मौका हो सकती है, तो इस्लाम ने कहा, “आप इसे कुछ ऐसा ही मान सकते हैं।”
दोनों देशों में बीच बढ़ा था विवाद
बता दें कि बीते महीने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच विवाद तब बढ़ा जब भारतीय बोर्ड ने कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के तेज गेंदबाद मुस्तफिजुर रहमान को उनके आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट से रिलीज करने को कहा। इसके पीछे “चारों तरफ हो रहे कुछ अनजान घटनाक्रम” का हवाला दिया गया था। माना गया कि यह फैसला बांग्लादेश में उस समय चल रही राजनीतिक हिंसा की वजह से लिया गया, जिसमें हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं।
बांग्लादेश को टूर्नामेंट से किया बाहर
बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वर्ल्ड कप के मैच खेलने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उस समय इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की अगुवाई कर रहे पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह के नेतृत्व में आईसीसी ने स्थिति की समीक्षा की और कहा कि खतरे का स्तर कम से मध्यम है। इसके बावजूद बांग्लादेश अपने फैसले पर कायम रहा। लंबे समय तक बातचीत के बाद भी जब वह नहीं माना, तो टूर्नामेंट में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया।